ललितपुर। सुपर मार्केट में अतिक्रमण बढ़ता चला जा रहा है। कुछ व्यापारियों ने तो 15 फुट की दुकान के स्थान पर 35 फुट तक कब्जा कर लिया है। इससे बाजार की सूरत बिगड़ती चली जा रही है। अन्य स्थानों पर भी नगर पालिका की जमीन पर लोगों ने कब्जा कर लिया है।
नगर में अतिक्रमण की समस्या कोई नई बात नहीं है। भवन स्वामी नालियों के ऊपर कब्जा कर लेते हैं, जिससे निकासी मार्ग संकरा हो जाता है। नगरीय सीमा में नझाई बाजार, फल और सब्जी मार्केट, कटरा बाजार, लोहा पीतल बाजार, सराफा बाजार, चूड़ी बाजार, जगदीश मार्केट सहित अन्य बाजार हैं।
इसके अलावा नगर पालिका ने लाखों रुपये खर्च करके सुपर मार्केट तैयार कराया है। इसमें चारों ओर सीसी रोड के साथ व्यापारियों व नगरवासियों की सुविधा के लिए हाइमास्क एलईडी लाइट भी लगवाई गईं। बाजार का लुक एक सा दिखे, इसके लिए केसरिया रंग में रंगने का काम किया गया। सुपर मार्केट के बीचोंबीच दो पार्कों का निर्माण किया गया, जिसमें बैठने के लिए कुर्सियां व छांवदार पौधे रोपे गए हैं।
लेकिन इस बाजार के नजदीक से लगी फल और सब्जी मंडी के कुछ व्यापारी अपनी दुकानों को बढ़ाकर बाजार के स्वरूप को बिगाड़ दे रहे हैं।
सुपर मार्केट से फल और सब्जी मंडी की ओर जाने वाले रास्ते पर कुछ व्यापारियों ने अपनी दुकानों को बांस व लोहे के तार लगाकर फैला लिया है। ऐसे में 15 फुट की यह दुकान 35 फुट से अधिक बढ़ा ली गई है, जिससे अन्य दुकानदारों को परेशानी हो रही है। साथ ही खरीदारी करने आने वाले लोग भी बमुश्किल से निकल पा रहे हैं। व्यापारियों ने दुकानों के बाहर फैले अतिक्रमण को खत्म कराने की मांग की है, जिससे आसानी से वाहन आ जा सकें।
होली गढ़ा के स्थान पर बन गया शॉपिंग कांपलेक्स
नगर में अतिक्रमण करने का सिलसिला वर्षों से जारी है। नगर पालिका नजूल व कलेक्ट्रेट नजूल पर लोग कब्जा करते चले गए। बाद में उक्त जमीन को फ्री होल्ड करा लिया गया। लेकिन, जितने भूखंड का फ्री होल्ड कराया गया, उससे कहीं अधिक पर उन्होंने कब्जा कर लिया।
भारतीय स्टेट बैंक को जाने वाले रास्ते पर जहां पर वर्षों पहले होली जलती थी और लोग उस स्थान को होली गढ़ा के नाम से जानते हैं। अब उक्त स्थान पर शॉपिंग कांपलेक्स बना दिया गया है। प्राचीन कुएं के आधे हिस्से पर भी अतिक्रमण कर लिया गया। सूत्र बताते हैं कि भूखंड फ्री होल्ड तो कराया गया, लेकिन अधिक जमीन पर निर्माण कर लिया गया। इस संबंध में मुहल्लेवासियों ने शिकायती पत्र भी दिए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
नाली का बहाव रोकने से जलभराव
एसबीआई के बगल में एक भवन स्वामी ने चौड़ी नाली को संकरा कर दिया और ऊंचाई बढ़ा दी है, जिससे घरों के निकलने वाले गंदे पानी का बहाव अवरुद्ध हो गया। निर्माण के दौरान पड़ोस में रहने वाले नारायण दास कुशवाहा ने पिछले माह की 13 तारीख को एसडीएम सदर, नगर पालिका और नियत प्राधिकरण के अफसरों को शिकायती पत्र दिया, जिसमें सभी घरों का पानी नहीं निकल पाने की समस्या बताई।
साथ ही बताया कि बारिश में तो और अधिक परेशानी होगी और पुलिस क्लब परिसर सहित आधा सैकड़ा घरों में पानी भर जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायती पत्र देने के एक माह बाद एसडीएम मौके पर पहुंचे। तब तक निर्माण किया जा चुका था। उन्होंने निर्माण हटवाने का आश्वासन भी दिया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायती पत्र पर घनश्याम, शोभाराम, रामरतन, प्रकाश नारायण, कमल सहित अन्य के हस्ताक्षर अंकित हैं।
लाइलाज है समस्या
नगर पालिका समय-समय पर अतिक्रमण हटाने का काम करती चली आ रही है। लेकिन अतिक्रमण करने वाले लोग फिर से कब्जा कर लेते हैं। अतिक्रमण की समस्या से नगर पालिका लंबे समय से प्रभावित है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।