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प्रधानाध्यापक ने खुद लगा दी अनुपस्थित अनुदेशकों की उपस्थिति

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खुद लगा दी अनुपस्थित अनुदेशकों की उपस्थिति
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प्रधानाध्यापक का कारनामा, एमडीएम में चल रहा फर्जी छात्रांकन का खेल
शिक्षामित्र नहीं पहुंच रहे विद्यालय, समय से पहले बंद हो जाते विद्यालय
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
प्रधानाध्यापक खुद ही अनुपस्थित स्टाफ की उपस्थिति दर्ज कर देते हैं, तो वहीं विद्यालय केवल बच्चों का एमडीएम पकाने के लिए संचालित किए जा रहे हैं। मिड-डे मील के बाद विद्यालय की छुट्टी कर दी जाती है। इसके साथ ही एमडीएम में फर्जी छात्रांकन दर्ज करने का भी खेल खूब फलफूल रहा है। इन सब का खुलासा बार खंड शिक्षा अधिकारी के मंगलवार को निरीक्षण में हुआ है।
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विकासखंड बार क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी बीएन दैपुरिया ने सबसे पहले उच्च प्राथमिक विद्यालय सुनवाहा का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक प्रवीण कुमार बीआरसी प्रशिक्षण में गए थे, लेकिन दोनों अनुदेशक बलराम कुशवाहा व सुनील त्रिपाठी विद्यालय में अनुपस्थित मिले। जबकि प्रभारी प्रधानाध्यापक शिवप्रकाश द्वारा दोनों ही अनुदेशकों की उपस्थिति पंजिका में दर्ज कर दी गई थी। इसके साथ ही विद्यालय में कुल छात्रांकन 128 के सापेक्ष मात्र 27 छात्र उपस्थित मिले। एबीएसए ने प्रधानाध्यापक को विद्यालय में बच्चों की उपस्थित बढ़ाने के निर्देश दिए, वहीं अनुपस्थित मिले दोनों की अनुदेशकों का मानदेय रोक दिया है। इसके बाद बार एबीएसए ने प्राथमिक विद्यालय सुनवाहा का निरीक्षण किया। विद्यालय में एमडीएम के नाम पर चल रहे फर्जीबाड़े की निरीक्षण में पोल खुल गई। इस दौरान विद्यालय में कुल 203 छात्रांकन के सापेक्ष मात्र 35 छात्र की उपस्थित मिले, जबकि एमडीएम के रजिस्टर में बच्चों की संख्या 115 पाई गई, इसी तरह पिछले दिनों में बच्चों की संख्या सौ से ही अधिक कभी 110 व 120 अंकित मिली। इस पर एबीएसए ने एमडीएम की जांच करने के लिए निर्देश कर दिया है और माह फरवरी की कंवर्जन कॉस्ट 50 छात्रांकन के अनुसार निर्गत कराने की संस्त़ुति की है। वहीं, निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले शिक्षामित्र हरिप्रकाश का मानदेय रोक दिया है। इसके बाद उन्होंने उच्च प्राथमिक विद्यालय दिदौरा का निरीक्षण किया। इस दौरान एमडीएम पंजिका विद्यालय में उपस्थित नहीं मिली। इसके साथ ही कक्षा 08 के बच्चे अंग्रेजी में ब्लैक बोर्ड नहीं लिख सके। इस उन्होंने अंग्रेजी के अध्यापक सुधीन जैन को प्रतिकूल प्रविष्टि दी और और प्रधानाध्यापक को संपूर्ण अभिलेख विद्यालय में उपस्थित रखने के निर्देश दिए हैं। प्राथमिक विद्यालय दिदौरा का निरीक्षण किया, इस विद्यालय में भी एमडीएम में फर्जी उपस्थिति दर्ज गड़बड़ी का मामला पाया गया। विद्यालय में 130 छात्रांकन के सापेक्ष एमडीएम पंजिका में 60 बच्चे दर्ज थे, जबकि विद्यालय में मौके पर मात्र 40 बच्चे ही उपस्थित मिले। इसके साथ ही शिक्षामित्र प्रतिपाल सिंह भी अनुपस्थित मिले। उन्होंने फरवरी माह की कन्वर्जन कॉस्ट 40 छात्रांकन के अनुसार निर्गत करने के निर्देश दिए और अनुपस्थित शिक्षा मित्र का मानदेय रोक दिया है। इसी क्रम में एबीएसए ने उच्च प्राथमिक विद्यालय दरौनी का निरीक्षण किया। इस दौरान कक्षा 08 के बच्चे कार्य का सूत्र नहीं बता सके इस पर उन्होंने विज्ञान अध्यापिका प्रज्ञा कौशिक को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। वहीं एबीएसए ने दोपहर करीब ढाई बजे प्राथमिक विद्यालय बानौनी का निरीक्षण किया जो विद्यालय बंद पाया गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों बड़े राजा, भैयन, महेश आदि ने बताया कि विद्यालय हर रोज डेेढ़ बजे की बंद हो जाता है। उन्होंने समस्त स्टाफ का वेतन व मानदेय रोक दिया है और प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण तलब किया है।
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