दलालों के मार्फत अपात्रों को दिया जा रहा लाभ
प्रधानमंत्री आवास योजना में घालमेल का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
मड़ावरा (ललितपुर)।
तहसील मुख्यालय पर तमाम प्रशासनिक अधिकारियों की नाक के नीचे ही भ्रष्टाचार अपने पंख पसारे हुए है। इसकी एक बानगी ग्राम पंचायत मड़ावरा में देखने को मिल रही है। यहां प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्रों की घुसपैठ हो गई है। ग्राम पंचायत मड़ावरा के आधा दर्जन से अधिक ग्राम पंचायत सदस्यों ने मुख्यमंत्री और डीएम को एक शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम पंचायत सदस्यों द्वारा दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि ग्रामपंचायत मड़ावरा में प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास आवंटन प्रक्रिया में जमकर अनियमितताएं बरती जा रही हैं। पंचायत सदस्यों द्वारा आरोप लगाते हुए बताया कि ग्राम प्रधान प्रतिनिधि और पंचायत सेक्रेटरी द्वारा मिलीभगत करते हुए आवास लाभार्थियों के चयन हेतु किसी भी प्रकार की खुली बैठक का आयोजन नहीं किया गया बल्कि बगैर बैठक और पंचायत सदस्यों के पूर्ण कोरम के ही उनकी अनुपस्थिति में ही आवास हेतु अपने चहेते लाभार्थियों का चयन कर लिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना चयन सूची में तमाम अपात्र, धनिक और बाहरी व्यक्तियों को शामिल किया गया है। जबकि गांव के अधिकतर पात्र कर गरीब पात्र ग्रामीणों के नाम आवास सूची में नहीं लिखे गये हैं। पंचायत सदस्यों का आरोप है कि पंचायत में प्रधानमंत्री आवास हेतु 104 लाभार्थियों की सूची तैयार की गई है जिसमें दो दर्जन से अधिक लाभार्थी ट्रेक्टरधारकए वृहद किसान एवं धनवान हैं जो पहले से ही पक्के मकानों में रहते हैं। कई प्रस्तावित लाभार्थी ऐसे हैं जिनके परिजनों के नाम पूर्व में भी इन्दिरा आवास, लोहिया आवास आदि बन चुके हैं। आवास हेतु प्रस्तावित 104 लाभार्थी सूची में महज 02 मुस्लिम और महज 11 नाम अनुसूचित जाति के हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मिलीभगत कर तैयार की गई सूची में दलालों के भी जमकर बोलबाला रहा है, 10-20 हजार रुपये वसूलकर अपात्रों के नाम सूची में शामिल किये गए हैं, जबकि आधा सैंकड़ा पात्र ग्रामीण आवास योजना से वंचित कर दिए गए। ग्राम पंचायत सदस्यों ने घालमेल कर बगैर खुली बैठक के तैयार की गई प्रतीक्षा सूची को रद्दकर नियमानुसार खुली बैठक आयोजित कर पात्र आवास लाभार्थियों का चयन किया जाए। शिकायती पत्र पर क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोहरलाल पंथ, ग्राम पंचायत सदस्य भरत कुमार झा, मुहम्मद जाकिर, ललितकुमार प्रजापति, विजय यादव, नीलेश नामदेव, सुमनदेवी, रेखाजैन समेत महेंद्र कुमार रावत, धर्मेंद्र, इस्लाम खां, उमाशंकर रजक, राजकुमार पंथ, राजूद, असलम खां , लखन सिंह, रानू, सीताराम समेत तमाम ग्रामीणों के हस्ताक्षर अंकित रहे।