अंग्रेजी माध्यम के पांच-पांच विद्यालय ही होंगे संचालित
ललितपुर। प्रत्येक ब्लॉकों में सात-सात परिषदीय विद्यालयों को अगले शैक्षिक सत्र से अंग्रेजी माध्यम में संचालित करा पाना जिला बेसिक शिक्षा विभाग व शासन के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। लक्ष्य के सापेक्ष शिक्षक नहीं मिल पा रहे हैं, यह समस्या केवल जनपद की ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की है। इसको देखते हुए प्रत्येक ब्लॉक में सात की जगह अब फिर पांच-पांच विद्यालय संचालित कराने का निर्णय लिया गया है। खंड शिक्षा अधिकारियों को किसी भी हाल में अपने-अपने क्षेत्र में अंग्रेजी माध्यम विद्यालय संचालित कराने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार ने बताया कि शुक्रवार को बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह के साथ वीडियो कांफ्रेंस हुई थी, जिसमें अंग्रेेजी माध्यम परिषदीय विद्यालयों के संचालन में होने वाली शिक्षकों की नियुक्ति समस्या व अन्य समस्या को रखा गया। इस पर उन्होंने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए हैं। पहले नगर क्षेत्र व समस्त ब्लॉक क्षेत्रों में सात-सात अंग्रेजी माध्यम विद्यालय संचालित किए जाने थे, लेकिन शिक्षकों की समस्या को देखते हुए इन्हें पांच-पांच निर्धारित कर दिया गया है। निदेशक ने कहा कि जो परिषदीय विद्यालय अंग्रेजी माध्यम में परिवर्तित करने के लिए चयनित किए हैं, पहले उन्हीं विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। इसके बाद जिन विद्यालयों में शिक्षक जाना नहीं चाहते हैं, उन विद्यालयों को सूची से अलग करके नवीन विद्यालय का चयन किया जाएगा। निर्देशन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष विद्यालयों का संचालन जरूर किया जाए। इससे समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों की कसरत बढ़ गई है। चयन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद यदि कुछ अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में शिक्षक नहीं पहुंचते हैं, तो ऐसे विद्यालयों का चयन किया जाएगा, जहां पहले से अंग्रेजी पढ़ाने योग्य शिक्षक पर्याप्त संख्या में तैनात हो और विद्यालय का परिवेश मानकों के अनुरूप हो। ऐसे विद्यालयों को तलाशने की जिम्मेदारी भी खंड शिक्षा अधिकारियों की रहेगी। गौरतलब है कि 15 मार्च तक प्रत्येक अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में एक प्रधानाध्यपक व पांच-पांच सहायक शिक्षकों की तैनाती की चयन प्रक्रिया पूर्ण की जानी है। लेकिन अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में पढ़ाने में परिषदीय शिक्षक खास रुचि नहीं दिखा रहे हैं। शिक्षकों के चयन के लिए पहले 20 फरवरी तक आवेदन लिए जाने थे, लेकिन पर्याप्त आवेदन नहीं आने से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार ने आवेदन की तिथि को 28 फरवरी तक के लिए बढ़ा दिया गया था। इसके बाद भी कुल 181 ही आवेदन प्राप्त हो सके हैं। पांच-पांच विद्यालय के अनुसार नगर क्षेत्र व छह ब्लॉक क्षेत्रों के कुल 35 विद्यालयों में कुल 175 सहायक अध्यापक और 35 प्रधानाध्यापक यानी कुल 210 शिक्षकों की आवश्यकता है। जबकि आवेदन मात्र 181 ही प्राप्त हुए हैं।
दूर जाने और पढ़ाने के डर से नहीं कर रहे आवेदन
जिस हिसाब से परिषदीय शिक्षक बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए संचालित किए जाने वाले अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में पढ़ाने के लिए रुचि नहीं दिखा रहे हैं, इससे साफ है कि उन्होंने यह डर सता रहा है कि कहीं उन्हें किसी अधिक दूरी वाले विद्यालय में नहीं भेज दिया जाए। इसके अलावा कई शिक्षकों को यह भी चिंता सता रही है कि उन्हें हर रोज विद्यालय जाना पढ़ेगा। क्योंकि शिक्षकों में कहीं न कहीं योगी सरकार का डर बैठा हुआ है कि इन अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों की विशेष मॉनिर्टिंग की जाएगी और लापरवाही करने पर कार्रवाई भी होगी। जनपद में पर्व से संचालित हो रहे दो अंग्रेजी माध्यम विद्यालय इसके उदाहरण भी है। ग्राम पनारी जिला मुख्यालय से सटा हुआ है, इस कारण यहां पर पर्याप्त शिक्षक है, लेकिन दूसरा विद्यालय जो कुम्हैड़ी में संचालित हो रहा है, यहां पर तीन वर्षों से केवल एक ही शिक्षक तैनात है। पांच शिक्षकों को चयन किया गया था, शिक्षक विद्यालय पढ़ाने के लिए नहीं पहुंचे।
नगर क्षेत्र में नहीं खुलेंगे अंग्रेजी माध्यम विद्यालय
बीएसए अम्बरीष कुमार ने बताया कि नगर क्षेत्र में पहले से ही शिक्षकों की कमी चल रही है, जिसके चलते यहां पर अंग्रेजी माध्यम विद्यालय संचालित करा पाना संभव नहीं है। गौरतलब है कि नगर क्षेत्र में संचालित कुल परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 35 है, जबकि इसके सापेक्ष नगर क्षेत्र में मात्र 34 शिक्षक हैं, यानी विद्यालय की संख्या से कम शिक्षकों की संख्या है। ऐसे में अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में पर्याप्त स्टाफ नियुक्त कर पाना संभव नहीं है।