सावधान, जिले में फिर मिले डेंगू के दो केस
ललितपुर।
जिले में एक माह बाद फिर से डेंगू के दो केस सामने आए हैं। एक मरीज चौकाबाग का रहने वाला है, जबकि दूसरा मरीज ब्लॉक मड़ावरा अंतर्गत ग्राम नयागांव निवासी है, जिनमें डेंगू जांच के बाद पॉजीटिव निकला है। दोनों का इलाज झांसी में चल रहा है।
जनपद में एक माह में अब तक तीन डेंगू के मरीज मिले हैं, जिसकी जानकारी लगने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। पहला केस पिछले माह आठ अगस्त को मिला था। मुहल्ला चौकाबाग निवासी 20 वर्षीय राजन पुत्र जगभान जो यहां अपनी मौसी के घर अहमदाबाद गया था। 28 जुलाई को घर वापस आने पर उसके बुखार के साथ तकेज बुखार हो गया था। जिस पर उसके परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। उसकी हालत में सुधार नहीं होने पर और प्लेटलेट्स लगातार गिरने के चलते चिकित्सकों ने उसे मेडिकल कॉलेज झांसी रिफर कर दिया था। इसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज झांसी से लखनऊ के लिए रिफर किया गया था। जहां जांच में राजन को डेंगू पोजीटिव निकला था। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न इलाकों में सर्वे कराने पर कई जगह डेंगू वाहक मच्छरों के लार्वा मिले थे, इस पर स्वास्थ्य विभाग ने लार्वा को नष्ट कर ऐसे घरों के स्वामियों को नोटिस भी दिए थे। अभी एक माह भी नहीं हुआ कि जनपद में फिर से डेंगूू ने दस्तक दी है। इस बार एक साथ दो मरीजों में जांच के दौरान डेंगू की पुष्टि हुई है। इसमें शहर के मुुहल्ला गोविंदनगर निवासी 16 वर्षीय नीलेश पुत्र संतोष डेंगू से ग्रसित मिला है। नीलेश जो मुंबई के ताज होटल में काम करता है, बीमार होने के चलते 20 अगस्त को अपने घर वापस आया था। शुरुआत में उसने झांसी के किसी निजी चिकित्सालय में इलाज कराया, लेकिन उसे लाभ नहीं हुआ और तेज बुखार आने पर परिजनों द्वारा उसे जिला चिकित्सालय में इलाज के लिए ले जाया गया। जहां उसका कार्ड से टेस्ट कराया गया, डेंगू का संदेह होने पर 23 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग द्वारा उसका सैंपल लेकर झांसी मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां स्लाइड से इलाइजा आईजीएम टेस्ट में डेंगू की पुष्टि हो गई। वहीं, ब्लॉक मड़ावरा अंतर्गत ग्राम नया गांव सड़खरी निवासी पांच वर्षीय बालिका रूपा अहिरवार पुत्री राजेश में भी जांच के दौरान डेंगू की पुष्टि हुई है। बताया गया कि रूपा के परिजन काम करने के लिए दिल्ली गए थे और उनके साथ उनकी पुत्री रूपा भी साथ गई थी। उक्त बालिका की तबियत खराब होने पर उसके परिजन उसे ललितपुर वापस ले आए और 25 अगस्त को डा.नजा की क्लीनिक इलाज के लिए ले गए, जहां से उसे झांसी मेडिकल ले जाने के लिए रिफर किया गया। झांसी मेडिकल में जांच के दौरान उक्त बालिका में डेंगू की पुष्टि हुई है।
यह हुई कार्रवाई
ललितपुर। डेंगू के केस मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को गोविंदनगर में नगर पालिका के सहयोग से 50 घरों का सर्वे कराकर निरोधात्मक अभियान चलाया। दवा का छिड़काव कराया। टेमीफास लार्वा साइट दवा, स्प्रे का छिड़काव कराया। शाम को इलाके में फागिंग कराने के निर्देश दिए गए। टीम ने मुहल्ला गोविंदनगर में कचरा, डंपिंग स्थलों, नालियों, जलभराव के स्थानों, कूलरों गड्ढे आदि को चिह्नित कर लार्वी साइट स्प्रे का छिड़काव कराया गया। उक्त मरीज के घर में भी छिड़काव कराया गया। वहीं, नयागांव में डेंगू का मरीज मिलने पर 30 लोगों के स्लाइड से सैंपल लिए गए और लोगों को डेंगू के प्रति अलर्ट किया गया। कबाड़, नाली, जलभराव वाले स्थानों पर मच्छरों के लार्वा को नष्ट किया गया।
यह हैं डेंगू के लक्षण
ललितपुर। डेंगू बुखार मच्छरों द्वारा फैलाई जाने वाली बीमारी है, एडीज मच्छर (प्रजाति) के काटने से डेंगू वाइरस फैलता है। बुखार के दौरान प्लेटलेट्स कम होना इसका मुख्य लक्षण हैं। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता, बुखार के साथ सबसे सामान्य लक्षण है सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द और त्वचा का खराब हो जाना।
यह हैं बचाव के उपाय
ललितपुर। घर या ऑफिस के आसपास पानी जमा न होने दें, गड्ढों को मिट्टी से भर दें, रुकी हुई नालियों को साफ करें। अगर पानी जमा होेने से रोकना मुमकिन नहीं है तो उसमें पेट्रोल या केरोसिन ऑयल डालें। रूम कूलरों, फूलदानों का सारा पानी हफ्ते में एक बार और पक्षियों को दाना-पानी देने के बर्तन को रोज पूरी तरह से खाली करें, उन्हें सुखाएं और फिर भरें। घर में टूटे-फूटे डिब्बे, टायर, बर्तन, बोतलें आदि न रखें। अगर रखें तो उलटा करके रखें। डेंगू के मच्छर साफ पानी में पनपते हैं, इसलिए पानी की टंकी को अच्छी तरह बंद करके रखें। अगर मुमकिन हो तो खिड़कियों और दरवाजों पर महीन जाली लगवाकर मच्छरों को घर में आने से रोकें। मच्छरों को भगाने और मारने के लिए मच्छरनाशक क्रीम, स्प्रे, मैट्स, कॉइल्स आदि इस्तेमाल करें। गुग्गुल के धुएं से मच्छर भगाना देशी उपाय है। घर के अंदर सभी जगहों में हफ्ते में एक बार मच्छरनाशक दवा का छिड़काव जरूर करें। यह दवाई फोटो-फ्रेम्स, पर्दों, कैलेंडरों आदि के पीछे और घर के स्टोर-रुम और सभी कोनों में जरूर छिड़कें। दवाई छिड़कते वक्त अपने मुंह और नाक पर कोई कपड़ा जरुर बांधें। साथ ही, खाने-पीने की सभी चीजों को ढककर रखें।
-
इनका कहना है-
शहर के गोविंदनगर और नयागांव में दो मरीजों में जांच के दौरान डेंगू की पुष्टि हुई है। नगर पालिका के सहयोग से डेंगू के मरीजों के घर और उनके आसपास के घरों का सर्वे कराया जा रहा है। गोविंदनगर में 50 घरों में दवा का छिड़काव कराया गया है। शाम के समय फॉगिंग भी कराई जाएगी।
केएस सिंह यादव, जिला मलेरिया अधिकारी।