बजाज फाइनेंस फ्रॉड केस : 1.71 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले की जांच के लिए एसपी ने गठित की थी एसआईटी
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बजाज फाइनेंस कंपनी से जुड़े करोड़ों रुपये के धोखाधड़ी मामले की जांच कर रही जिला स्तरीय एसआईटी को जांच के दौरान अहम सुराग मिले हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने लोन की रकम हड़पने के लिए वर्ष 2024-25 के स्टांप पेपरों में कूटरचना कर उन पर वर्ष 2014 व 2015 अंकित कर दिया था। इन कूटरचित स्टांप पेपरों को अब फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) जांच के लिए भेज दिया गया है, साथ ही विधिक टिप्पणी भी मांगी गई है।
गौरतलब है कि वर्ष 2025 में कोतवाली सदर में बजाज फाइनेंस कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर संदीप सोलंकी की तहरीर पर महेंद्र बरार समेत सात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोप था कि कूटरचित दस्तावेजों के जरिये आरोपियों ने कंपनी को कुल 1 करोड़ 71 लाख 1 हजार 703 रुपये की क्षति पहुंचाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मोहम्मद मुश्ताक ने एसआईटी का गठन किया था। जांच के दौरान पुलिस ने इस मामले में करीब 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की। एसआईटी की जांच में कूटरचित रजिस्ट्री प्रपत्र, पैन , आधार कार्ड और नए बैंक खाते के दस्तावेज बरामद हुए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि करीब 12 रजिस्ट्रियों में प्रयुक्त स्टांप पेपर कूटरचित थे। ये स्टांप पेपर मूल रूप से वर्ष 2024 और 2025 के थे, जिन पर छेड़छाड़ कर 2014 और 2015 अंकित किया गया।
एसआईटी ने कूटरचना की पुष्टि के लिए सभी 12 स्टांप पेपर एफएसएल भेज दिए हैं। फाइनेंस कंपनी और आम लोगों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के इस मामले की जांच गहनता से की जा रही है।