किशोरी से बलात्कार का दोष सिद्घ
- जमानत पर था अभियुक्त, नहीं पहुंचा न्यायालय
- कोर्ट ने दिए कुर्की के आदेश, जमानतदारों को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। चार साल पहले किशोरी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में शनिवार को सत्र न्यायाधीश उमेश कुमार सिरोही की अदालत ने धौरीसागर निवासी अभियुक्त हल्ले उर्फ सुरपाल पुत्र हरदास यादव को दोषी करार दिया है। अभियुक्त जमानत पर था, लेकिन सजा के दिन न्यायालय में उपस्थित नहीं होने पर अपर सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी करते हुए कुर्की के आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही जमानतदारों को भी नोटिस भेजा है।
अपर शासकीय अधिवक्ता खुशीलाल लोधी ने बताया कि थाना मड़ावरा के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने चार साल पहले थाना में तहरीर देकर बताया था कि 11 अक्टूबर 2014 को शाम पांच बजे उसकी 15 वर्षीय बेटी दुकान पर बिस्कुट लेने गई थी। काफी समय तक वापस नहीं लौटने पर उसने खोजबीन की, लेकिन कोई पता नहीं चल सका। अन्य रिश्तेदारियों में भी तलाश किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। तभी जानकारी मिली कि थाना गिरार के ग्राम धौरीसागर निवासी हल्ले उर्फ सुरपाल पुत्र हरदास यादव का गांव में आना जाना था। वह उसकी बेटी को बहलाकर ले गया। वह बेटी की तलाश करते हुए धौरीसागर गांव पहुंचा, लेकिन वह घर पर नहीं मिला। बेटी के न मिलने पर वह 15 अक्टूबर 2014 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने उसी दिन शाम को पौने पांच बजे रिपोर्ट दर्ज कर किशोरी की तलाश शुरु की। जिसके बाद किशोरी 27 अक्टूबर 2014 को बरामदगी की गई। इसके बाद किशोरी का शारीरिक परीक्षण जिला चिकित्सालय में कराने के बाद न्यायालय में बयान दर्ज कराए थे। न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। शनिवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के बयानों के आधार पर सुुनवाई करते हुए न्यायालय ने अभियुक्त सुरपाल को किशोरी को अपहरण कर ले जाने, किशोरी के साथ बलात्कार करने और निजी अंगों से छेड़छाड़ के तहत दोषी सिद्घ करार दिया। सजा के दौरान अभियुक्त न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ। जिस पर कोर्ट ने अभियुक्त को न्यायालय में उपस्थित कराने के लिए उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट और कुुर्की के आदेश भी दिए हैं। इसके साथ ही जमानतदारों को भी नोटिस जारी किए हैं।