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वोटरों को फसाने फैलाया जा रहा हवा-हवाई वादों का जाल

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वोटरों को फसाने फैलाया जा रहा हवा-हवाई वादों का जाल
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ललितपुर। वोटरों को लुभाने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों द्वारा बड़े-बड़े वादे किए जा रहे हैं, लेकिन अनेकों वादे ऐसे भी हैं, जो केवल हवा-हवाई हैं। इन हवा-हवाई वादों को जनपद की भैतिक स्थिति व जनपद के पिछड़ेपन की वजह से पूरा कर पाना संभव नहीं है।
नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए मैदान में कुल 14 महिला प्रत्याशी मैदान में हैं। चुनाव अपने अंतिम चरण पर पहुंच गया है और कल शुक्रवार से प्रचार थम जाएगा। लगभग समस्त प्रत्याशी नगर की जनता व वोटरों को लुभाने के लिए अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर चुके हैं। घोषण पत्र में प्रत्याशियों को यह विश्वास दिलाने के लिए कि वह जीत के बाद नगर का विकास करेंगे, इसके लिए उन्होंने अनेकों वादे किए हैं। इन विकास के वादों में कई प्रत्याशियों के ऐसे भी वादे हैं जो केवल हवा-हवाई हैं। इन वादों का धरातल पर संभव हो पाना लगभग संभव नहीं है। इससे यह समझ आता है कि जो नगर का विकास करने का वादा कर रहे हैं व खुद ही नगर की भौतिक स्थिति से वाकिफ नहीं हैं।
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-कुछ प्रत्याशियों ने वादा किया है कि वह नगर पालिका द्वारा संचालित बालक व बालिका दोनों ही इंटर कॉलेजों को महाविद्यालय बनाएं, जबकि यह इतना आसान नहीं है, जितनी आसानी से प्रत्याशी वादा कर रहे हैं। दोनों ही इंटर कॉलेज दशकों बीतने के बाद भी आर्ट साइड से संचालित हो रहे हैं, दोनों में साइंस व कॉमर्स नहीं है। साथ ही लगभग पूरी शिक्षा व्यवस्था ठेके के शिक्षकों पर चल रही है। इसके अलावा दोनों की विद्यालय परिसर में जगह का भी काफी अभाव है, ऐसे में यह वादा केवल हवा-हवाई ही साबित होगा।
-महानगरों की तर्ज पर सीवर लाइन डलवाने के वादे किए जा रहे हैं, यह भी शहर की भौतिक स्थिति के हिसाब से संभव नहीं है। भारत सरकार द्वारा संचालित अमृत योजना के तहत शहर में सीवर लाइन बनवाने की योजना आई थी, लेकिन सर्वे के बाद इसको निरस्त कर दिया गया था।
-कुछ प्रत्याशी तो जीतने के बाद नगर के समस्त 26 वार्डों में स्वास्थ्य क्लीनिक स्थापित कराने का वादा कर रहे हैं। अब सवाल यह खड़ा होता है कि जनपद के एकलौते जिला अस्पताल में वर्षों बीतने के बाद भी डाक्टरों की कमी दूर नहीं हो सकी है, ऐसे में वार्ड क्लीनिकों पर डाक्टरों की जुगाड़ अध्यक्ष जी कैसे करेंगे। वहीं आयुष योजना के तहत भी कुछ वार्डों में उप स्वास्थ्य केंद्र भी खुले हैं, लेकिन यह भी नियमित रूप से संचालित नहीं किए जा रहे हैं। यह वादा भी हवा-हवाई ही है।
-प्रत्याशियों का वादा है कि वह समस्त वार्डों में पार्क स्थापित कराएं। यह वादा अच्छा है, लेकिन इसको पूरा कर पाना संभव नहीं है। विगत एक वर्ष से नगर पालिका वार्डों में सामुदायिक शौचालय बनाने के लिए जगह नहीं तलाश पाई है, ऐसे में पार्क के लिए पर्याप्त जगह मिल पाना संभव नहीं है।
-कुछ प्रत्याशियों ने तो नगर को फ्री वाई-फाई करने का वादा कर दिया है, जो संभव नहीं है केवल हवा-हवाई वादा है। यह बात अलग है कि शहर के सार्वजनिक स्थलों को प्री वाई फाई जोन बनाया जा सकता है। इसमें भी दूूसरे दिन ठप होने वाली बीएसएनएल सेवा बाधा बनेगी।
-इसके अलावा शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र में निजी कॉम्पलेक्स व मार्केट के पार्किंग स्थल खुलवाए बिना व अतिक्रमण हटाए बिना पार्किंग स्थल व्यवस्थित कर पाना संभव नहीं है। इसके अलावा कुछ प्रत्याशी युवाओं को लुभाने के लिए युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का भी वादा कर रहे हैं।
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यह वादे जो हो गए पुराने
इसके साथ ही कुछ ऐसे भी प्रत्याशी हैं जो जनता से वह वादे कर रहे हैं तो पूरे हो चुके हैं। इसमें नेहरू नगर की पेयजल समस्या का स्थाई समाधान महत्वपूर्ण है। भारत सरकार द्वारा संचालित अमृत योजना के तहत लगभग 39 करोड़ की नेहरू नगर पेयजल योजना पूर्व में स्वीकृत हो चुकी है। इसमें नेहरू नगर के साथ चांदमारी, वसुंधरा कालोनी व सदनशाह भी शामिल है। इसके साथ ही प्री वाई फाई युक्त पुस्तकालय बनवाने का भी कुछ प्रत्याशी वादा कर रहे हैं, जबकि प्री वाई फाई युक्त पुस्तकालय पहले से ही नगर पालिका द्वारा संचालित किया जा रहा है। नगर पालिका के इस पुस्तकालय को आधुनिक बनाने और कम्पटीशन की पुस्तकों उपलब्ध कराना जरूरी है।
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वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर नहीं दिया किसी ने ध्यान
शहर की दो लाख की संपूर्ण आबादी व रेलवे स्टेशन की पेयजल व्यवस्था और आस-पास के दर्जनों गांवों के खेतों की सिंचाई गोविंद सागर बांध पर पूरी तरह से निर्भर है। हर रोज शहर में ढाई करोड़ लीटर से अधिक जलापूर्ति की जाती है। घरों में उपयोग होने वाला यह पानी नालों व नदी में बहकर बर्बाद हो जाता है। हर रोज इतनी अधिक मात्रा में पानी बहकर बरबाद हो रहा है। यदि शहर में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित हो जाता है तो हर रोज नालियों में बहने वाला करोड़ों लीटर पानी दोबारा उपयोग में लाया जा सकता है। इस वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को स्थापित कराने पर किसी प्रत्याशी ने ध्यान नहीं दिया।
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भाजपा प्रत्याशी के विकास वादों में नहीं सुम्मेरा तालाब
भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी को छोड़कर समस्त नगर पालिका अध्यक्ष प्रत्याशियों के चुनावी घोषणा पत्र में सुम्मेरा तालाब के सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता दी है। सुम्मेरा तालाब संपूर्ण शहर के सौंदर्यीकरण व हिंदू धर्म की आस्था का प्रतीक है। इसके बावजूद भी भाजपा प्रत्याशी ने सुम्मेरा तालाब के सौंदर्यीकरण को अपनी चुनावी घोषणा में शामिल नहीं किया है। इस संबंध में जिलाध्यक्ष रमेेश चंद्र लोधी ने बताया कि सुम्मेरा तालाब आस्था का प्रमुख केंद्र है। इस कारण इसे मुद्दा नहीं बनाया जा सकता है। इसके जीर्णोद्घार करवाना भाजपा की प्राथमिकता में शामिल है। इसको मुद्दा बनाए बिना ही काम करवाया जाएगा।
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