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Lalitpur News: 11 फीसदी गर्भवती महिलाएं एनीमिया का शिकार

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सुरेंद्र सिंह

ललितपुर। गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन की कमी पाई जा रही है। आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 तक 27400 गर्भवती महिलाओं की जांच हुई, जिसमें 3068 एनीमिया की शिकार पाई गईं। इस तरह 11 फीसदी महिलाओं में खून की कमी पाई गई। चिकित्सकों का कहना है कि नियमित रूप से जांच कराएं, हरी सब्जी व दवाइयाें का सेवन करें।



गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन की कमी दूर करने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। प्रतिमाह जांच व दवाइयों की व्यवस्था की गई है। आंगनबाड़ी केंद्र पर भी पोषाहार दिया जा रहा है। इसके बाद भी गर्भवती महिलाओं में खून की कमी बरकरार है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार एक अप्रैल 2024 से 28 फरवरी 2025 तक 27400 गर्भवती महिलाओं ने विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों पर जांच कराई। 3068 महिलाओं में खून की कमी पाई गई। पांच फीसदी महिलाओं में सात डेसीलीटर खून मिलने से अधिक एनेमिक पाई गईं।
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एनीमिया से निपटने की ये है व्यवस्था



मेडिकल कॉलेज, सीएचसी, पीएचसी और उप स्वास्थ्य केंद्र समेत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है। गर्भावस्था में नियमित टीकाकरण के दौरान जांच की जा रही है।आयरन की दवाइयां दी जा रही हैं। महिलाओं व गर्भवतियों को खान-पान के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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ये हैं एनीमिया के कारण

- जल्दी-जल्द बच्चे पैदा करना।



- पर्याप्त दवा व आहार न लेना

- लंबे समय तक बीमार रहना।



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गर्भावस्था में एनीमिया से नुकसान



- गर्भ में नवजात का ठीक से विकास न होना।

- समय से पूर्व प्रसव होने पर शिशु को खतरा।



- गर्भपात होने का खतरा।

- प्रसव के बाद अधिक रक्तस्राव से प्रसूता को खतरा।





इस तरह करें बचाव



- विशेषज्ञ चिकित्सक से नियमित सलाह लें।

- दवाइयाें का नियमित सेवन करें।



- आयरन वाली सब्जी व पालक का सेवन करें।

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सामान्य व्यक्ति में होता है 11.5 हीमोग्लोबिन

चिकित्सकों के अनुसार सामान्य महिला में 11.5 से 15 ग्राम प्रति डेसीलीटर खून होता है। लेकिन, लगातार रक्त की कमी होने के कारण अब 10 ग्राम डेसीलीटर को भी सामान्य माना जाता है। 10 से नीचे होने की स्थिति में खून की कमी मानी जाती है। किसी में सात से कम डेसीलीटर खून होता है तो उसको अधिक गंभीर माना जाता है।



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महिलाओं को स्वस्थ रखने व खून की कमी पूरा करने के लिए गर्भावस्था में नियमित जांच कर दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।



- डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ
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