संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बुंदेलखंड विकास सेना ने बैठक की। वक्ताओं ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं। चिकित्सक समय से ओपीडी में नहीं बैठ रहे हैं। यहां के डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाई जाए।
सेना के राजमल बरया ने कहा कि निजी अस्पतालों में मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर सिजेरियन प्रसव करा रहे हैं। निजी प्रैक्टिस कॉलेज प्रशासन की मिलीभगत से चल रही है। कॉलेज प्रशासन का चिकित्सक से लेकर कर्मचारी तक पर नियंत्रण नहीं है। अस्पताल में मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है।
विशेषज्ञों की कमी के चलते मरीज महानगरों में जा रहे हैं। साथ ही प्रधानाचार्य को हटाए जाने की मांग की। इस दौरान राजकुमार कुशवाहा, कदीर खां, फूलचंद रजक, अमरसिंह बुंदेला, राकेश कुमार तिवारी, जगदीश झा, प्रमोद धानुक, कामता भट्ट आदि मौजूद रहे।