दुनिया के 67 विश्वविद्यालयों में हिंदी का अध्यापन
ललितपुर। बुधवार को विश्व हिंदी दिवस के अवसर जनपद के विभिन्न शैक्षिक संस्थानों व महाविद्यालयों में कार्यक्रम का आयोजन किया और संगोष्ठी आयोजित की गई। आयोजित संगोष्ठियों में वक्ताओं ने हिंदी की महत्वता व हिंदी के इतिहास पर प्रकाश डालकर बच्चों को अवगत कराया।
नेहरू महाविद्यालय के हिंदी विभाग के तत्वाधान में विश्व हिंदी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपप्रचार्य डा. ओमप्रकाश शास्त्री ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व द्वीप प्रज्ज्वलन करके किया गया। इस दौरान आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. शास्त्री ने कहा कि हिंदी भारत की अधिकांश जनता की मातृभाषा है। हम सबको इसके प्रचार व प्रसार के लिए तत्पर रहना चाहिये। अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डा. आशा साहू ने कहा कि हिंदी राष्ट्र की शिराओं में रक्त की तरह प्रवाहित है और आज दुनिया के 67 विश्वविद्यालयों में हिन्दी का अध्यापन कार्य किया जा रहा है। अभी हाल ही में भोपाल में आयोजित 10 वें विश्व हिंदी सम्मेलन में हिंदी के प्रचार एवं प्रसार हेतु अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की गई है और हिंदी में रोजगार के अनेक नए अवसर पिछले एक दशक में हमारे समक्ष प्रस्तुत हुए हैं। विभिन्न ई-माध्यमों, सोशल मीडिया, कंप्यूटर, इंटरनेट इत्यादि से हिंदी का संपर्क इतना अधिक हो गया है कि अंग्रेजी के बाद सर्वाधिक वेब पेज हिंदी में ही अंतरजाल पर उपलब्ध हैं। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. ऊषा पाठक ने कहा कि संपूर्ण विश्व में हिंदी के फिल्मी गीतों की चर्चा हमेशा रहती है। इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज शर्मा, क्रीड़ा विभागाध्यक्ष डा. अनिल सूर्यवंशी, हिंदी प्राध्यापक डॉ. सुधाकर उपाध्याय व डॉ. ओपी चौधरी आदि ने अपने विचार रखे और बच्चों को हिंदी के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही ‘विश्व में हिंदी का प्रचार-प्रसार’ विषय पर निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें लगभग 70 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इसमें वैशाली कुशवाहा ने प्रथम स्थान, रश्मि निरंजन ने द्वितीय और शिवानी पांडेय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में अव्वल रही छात्राओं ने सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ. सूबेदार यादव, संजीव शर्मा, राजेश तिवारी, फहीम बख्श, अंकित चौबे, दीपक रावत, अनिल, भरत सिंह, कामता शर्मा उपस्थित रहे।
वहीं भगवान आदिनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन महर्रा में भी विश्व हिंदी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंधक प्रदीप कुमार जैन, प्राचार्य डा. सुनील जैन व शारीरिक शिक्षा विभाग के प्राध्यापक डा. शक्तिवान सिंह ने किया। इस दौरान आयोजित गोष्ठी में सहायक प्रोफेसर अश्विनी कुमार जैन ने कहा कि विश्व हिन्दी दिवस मनाने का उद्देश्य हिंदी की खोई हुई उपलब्धियों और हिंदुस्तान की संस्कृति को विश्व में प्रसारित करना है। इसी क्रम में वनस्पति विज्ञान के सहायक प्रोफेसर भानुप्रताप बाजपेयी, सहायक प्रोफेसर अरविंद कुमार आर्या, प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार जैन समेत महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी अपनी-अपनी भावों और विचारों को रखा। विद्यार्थियों में मुख्य रूप से नेहा जैन और अभिषेक नामदेव ने हिंदी पर होने वाली चर्चा को आगे बढ़ाया। इस दौरान मुख्य रूप से रामसेवक चंद्राकर, सुरेंद्र साहू, उमेश तिवारी, बृजमोहन वर्मा, विनीता जैन, मधु जैन, सेवीनाज, आनंद यादव, विनोद बौद्ध, कुलदीप, कृष्णा ग्वाला, महेंद्र साहू, अनुज हुंडैत उपस्थित रहे।