ममरी (लखीमपुर खीरी)। हैदराबाद पुलिस की हिरासत में उदयपुर के युवक विवेक वर्मा की मौत का मामला गरमा गया है। गांव पहुंचे भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील सिंह से परिवार वालों ने कहा कि विवेक की मौत फंदा लगने से नहीं बल्कि पुलिस की पिटाई से हुई है, जब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं हो जाता, तब तक उन्हें शांति नहीं मिलेगी। वह इसके लिए पुलिस महानिरीक्षक और मुख्यमंत्री तक का दरवाजा खटखटाएंगे। इधर जांच अधिकारी सीओ मितौली मृतक के परिवार वालों का बयान दर्ज करने चौथे दिन भी गांव नहीं पहुंचे। विवेक की मौत को लेकर गांव में चौथे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा।
सोमवार को भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील सिंह उदयपुर गांव पहुंचे। परिवार वालों से घटना की जानकारी ली। उन्हें ढांढस बंधाते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
असली मामले को छिपा रही पुलिस: संदीप
मृतक विवेक के भाई संदीप कुमार का कहना है कि पुलिस असली मामले को छिपा रही है। दोषी पुलिसकर्मियों को बचाने का प्रयास चल रहा है। जांच अधिकारी गांव झांकने तक नहीं आए हैं। विवेक की मौत फंदा लगाने से नहीं हुई है, उसे पुलिस ने पीट कर मार डाला है। लेकिन वह इस मामले में चुप बैठने वाले नहीं हैं शीघ्र ही दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज न हुई तो वह डीजीपी से लेकर मुख्यमंत्री तक का दरवाजा खटखटाएंगे।
गोला गोकर्णनाथ। लोक जनसंघर्ष पार्टी के जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव के नेतृत्व में तमाम पदाधिकारियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। पूरे मामले की जांच की मांग की है। इस मौके पर हरिशरण, रूपचंद, दुजईलाल गौतम, राधेश्याम आदि मौजूद रहे।
एसपी ने घटना की विवेचना उन्हें सौंपी है। अपरिहार्य कारणों अभी वह उदयपुर गांव और हैदराबाद थाने नहीं पहुंच पाए हैं। परिवार वालों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष विवेचना की जाएगी, जो भी पुलिसकर्मी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। - सुतांशू कुमार, सीओ मितौली