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नोएडा में फिल्म सिटी: सूबे में उभरती प्रतिभाओं को आगे आने का मिलेगा मौका

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लखीमपुर खीरी में ओयल का मेढक मंदिर। शूटिंग के लिए एक लोकेशन। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। नोएडा में फिल्म सिटी बनने की कवायद शुरू होते ही प्रदेश के कई उन कलाकारों की यादें ताजा हो गईं हैं जिन्होंने अपनी प्रतिभा के बल पर मायानगरी मुंबई में अलग पहचान बनाई है। इसमें पड़ोसी जनपद शाहजहांपुर के राजपाल यादव, शाहाबाद निवासी आमिर खान के अलावा जिले में गोला की कोटवारा स्टेट के मुजफ्फर अली, निघासन निवासी मंगल ढिल्लो, फरधान के मन्यौरा निवासी आदित्य वर्मा जलज और शहर निवासी पारुल सिंह चौहान शामिल हैं।
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बालीवुड के जाने माने फिल्म निर्माता मुजफ्फर अली, जिन्होंने ‘उमराव जान’, ‘गमन’, ‘आगमन’ जैसी फिल्में बनाकर अपनी कला की अमिट छाप छोड़ी है तो वहीं निघासन निवासी मंगल ढिल्लो ने भी एक अलग मुकाम हासिल किया है। इसके अलावा शहर निवासी पारुल चौहान ने स्टार प्लस के ‘विदाई’ सीरियल में रागिनी का किरदार निभाकर खूब वाहवाही बटोरी है। ऐसा ही एक नाम है मन्यौरा निवासी आदित्य वर्मा जलज का भी है, जिन्होंने मुंबई में अपने बलबूते जगह बनाकर ‘मलिका द फायर’, ‘पूजा के फूल’ फिल्में बनाई। अब वह ‘कुदरत एक प्रेमकथा’ एवं ‘2050: ए वॉर फार वॉटर’ पर काम कर रहे हैं। उधर, शाहजहांपुर के राजपाल यादव और शाहाबाद निवासी आमिर खान ने दर्जनों फिल्मों में नाम कमाया है। यह अलग बात है कि आमिर खान मुंबई जाने के बाद अपने गृहक्षेत्र में कभी नहीं आए लेकिन उनकी खेती और मकान अब भी वहां पर हैं। इनके अलावा भी प्रदेश के कई कलाकार फिल्मी दुनिया में नाम रोशन कर रहे हैं।
यहां बता दें नोएडा में फिल्मसिटी निर्माण से जिले के उभरते कलाकारों को प्रतिभा निखारने के लिए उचित प्लेटफार्म मिलने के साथ प्राकृतिक एवं एतिहासिक धरोहर को एक अलग पहचान मिलेगी, क्योंकि जिले में न तो एतिहासिक धरोहर की कमी है और न ही प्राकृतिक नजारों की। नदी, जंगल, मंदिर, दुधवा नेशनल पार्क, रामबटी सहित गोमती नदी के किनारे स्थित बाबा टेढ़ेनाथ का धार्मिक और रमणीक स्थान फिल्मों, सीरियल आदि की शूटिंग के लिए बेहद अनुकूल है।
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योगी सरकार का निर्णय सिने प्रेमियों के लिए संभावनाओं से भरा है, क्योंकि जिले में तमाम ऐसी जगह और एतिहासिक धरोहर हैं, जहां फिल्मों की शूटिंग की जा सकती है। मुंबई से दूरी अधिक होने के कारण फिल्म निर्माता लखीमपुर नहीं पहुंच पाते। मगर , नोएडा में फिल्म सिटी बनने से बेहद आसानी रहेगी। फिल्म ‘2050: ए वॉर फॉर वाटर’ का हिस्सा जिले में ही शूट करूंगा।
-आदित्य वर्मा जलज, निवासी मन्यौरा वर्तमान मुंबई
नोएडा में फिल्म सिटी बनने से आसपास के जनपदों की प्रतिभाओं को बालीवुड में आने का अवसर मिलेगा। दूरी अधिक होने से न तो तमाम प्रतिभाशाली युवा मुंबई आ पाते थे और न ही फिल्म निर्माता लखीमपुर, जहां पर प्राकृतिक और एतिहासिक धरोहर की भरमार है। जबकि हमने अपनी कई फिल्मों की शूटिंग में गोला के जंगल में की। कोटवारा स्टेट में तो स्टूडियो तक है। जहां कई सीरियल बने। मगर, दूरी के कारण फिल्म निर्माण के लिए आना नहीं हो पाता।
-मुजफ्फर अली, मशहूर फिल्म निर्माता मूल निवासी कोटवार स्टेट एवं वर्तमान मुंबई ( उनके भतीजे सैफ से वार्तानुसार)
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फिल्म अभिनेता, निर्माता व निर्देशक मंगल ढिल्लो ने यूपी में फिल्म सिटी बनाए जाने की पहल पर खुशी का इजहार किया। उन्होंने कहा कि ऐसा होता है तो यहां के लोगों को अपने घर में ही प्रतिभा निखारने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। इसके पहले भी नोएडा में फिल्म सिटी बनाई गई थी, लेकिन बाद में बंद कर दी गई थी। यूपी सरकार को पहाड़ी इलाके का क्षेत्र लेना चाहिए था। मंगल ढिल्लो ने ‘विश्वात्मा’, ‘युगांधर’, ‘प्यार का देवता’ आदि फिल्मों में काम किया है। इसके अलावा ‘खालसा’, ‘सर्वनाश’, ‘हरिनाम के चमत्कार’ आदि फिल्मों के निर्माता और निर्देशक भी रहे हैं।
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