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विश्व एड्स जागरुकता दिवसः बेहतर इलाज के साथ जी रहे सामान्य जिंदगी

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media
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पिछले तीन साल के मुकाबले मरीजों की संख्या घटी, इस साल करीब आठ हजार लोगों की जांच में 14 मिले संक्रमित
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चिकित्सक बोले- जागरूकता ही है एक मात्र बचाव
लखीमपुर खीरी। पिछले तीन साल के मुकाबले जनपद में इस साल एड्स रोगियों के मिलने के मामले में कुछ कमी जरूर आई है, मगर यह काफी नहीं है। उधर, बेहतर इलाज और काउंसलिंग के जरिये एड्स रोगी भी सामान्य जिंदगी जी रहे हैं। जिले में इस साल कुछ 14 एड्स संक्रमित मिले हैं। हालांकि, यह बीमारी मरीजों को कैसे लगी, इस बारे में वह डॉक्टरों को भी कुछ सही से नहीं बता पाए।
एचआईवी यानी ह्यूमन इम्यूनो डेफिशिएंसी वायरस एक ऐसा वायरस है जो मनुष्य के शरीर में प्रवेश कर प्रतिरोधक क्षमता को धीरे-धीरे प्रभावित करता है। एड्स यानी एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशिएंसी सिंड्रोम एचआईवी की एक अवस्था है। हालांकि पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में इसके होने की संभावना बेहद कम रहती है। मगर, जागरूक रहकर इस घातक बीमारी से बचा जा सकता है। हालांकि जिले में एचआईवी संक्रमितों की संख्या बेहद कम है। बावजूद इसके जागरूक और सतर्क रहने की जरूरत है। एक जनवरी से 30 नवंबर तक 2968 पुरुष और 3310 महिलाओं की जांच हुई है। इसमें छह पुरुष और दो महिलाएं संक्रमित मिलीं। इन सभी का इलाज चल रहा है।
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संयम और जागरूकता ही बचाव
एचआईवी संक्रमितों का कहना है कि वह केस संक्रमित हुए इसके बारे में तो उन्हें जानकारी नहीं है। मगर, निरंतर सेहत गिरना और कुछ अलग तरह के लक्षण लगने पर जब सरकारी अस्पताल में दिखाया तो जांच के दौरान रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इनका कहना है कि शुरूआत में तनाव तो हुआ, लेकिन धीरे-धीरे सब सामान्य हो गया। किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। बस, इलाज चल रहा है। इनका कहना कि सभी लोग संयम रखकर जागरूक रहें।
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एचआईवी के लक्षण
1. वजन कम होना और किसी भी बीमारी में दवा का असर न होना।
2. गले मुंह में लगातार छाले रहना और उल्टी व दस्त की समस्या।
3. खुजली और गुप्त रोग होना

ये बरतें सावधानी
1. शादी से पहले एचआईवी जांच कराएं।
2. असुरक्षित यौन संबंध से बचें।
3. पौष्टिक भोजन करें।
4. धूम्रपान, मद्यमान, नशीली दवाओं का सेवन न करें

इस तरह हो सकता है एचआईवी
1. एक से अधिक लोगों से असुरक्षित यौन संबंध।
2. संक्रमित सुई एवं सिरिंज का इस्तेमाल।
3. एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ने से।
4. एचआईवी संक्रमित गर्भवती मां से गर्भस्थ शिशु को।

इस साल मिले एचआईवी संक्रमित
जिला अस्पताल- छह पुरुष और दो महिला
महिला अस्पताल- पांच महिलाएं, सीएचसी पलिया- एक पुरुष

वर्ष संक्रमित
2019-21 (19 पुरुष एवं दो महिलाएं)
2020-17 (15 पुरुष एवं पांच महिलाएं)
2021-14 (सात पुरुष एवं सात महिलाएं)

जिला अस्पताल एवं सीएचसी पर नि:शुल्क एचआईवी जांच की सुविधा है। यदि कोई व्यक्ति जांच में संक्रमित मिलता है तो उसका एआरटी सेंटर में पंजीकरण कर नि:शुल्क इलाज मुहैया कराया जाता है। जागरूकता ही एड्स से बचाव है। इसलिए सभी लोग जागरूक रहेें।
- डॉ. अनिल कुमार गुप्ता, एसीएमओ
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