निघासन। वन्यजीव संरक्षण और मानव वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए मंगलवार को निघासन ब्लॉक सभागार में विश्व प्रकृति निधि भारत और दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के सौजन्य से एक दिवसीय कार्यशाला हुई।
बीडीओ जयेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई कार्यशाला के मुख्य वक्ता वन्यजीव विशेषज्ञ आशीष बिष्ट ने कहा कि ब्लॉक की अधिकांश ग्राम पंचायतें दुधवा और कतर्निया घाट जैविक गलियारे का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यहां होकर ही वन्यजीवों का आवागमन रहता है। इसी कारण कई बार मानव वन्यजीव संघर्ष की स्थिति पैदा हो जाती है। उन्होंने विभिन्न वन्यजीवों के आंकड़े पेश करने के साथ ही प्रबंधन के उपाय बताए। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी दबीर हसन ने वन्यजीवों के व्यवहार और मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के उपायों की जानकारी दी। कार्यशाला में लक्ष्मी देवी, अखिलेश कुमार, आशिक अली और प्रधान मो. आसिफ खान, यशपाल कुमार, वन दारोगा राजेंद्र वर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद