लखीमपुर खीरी। ठेकेदार की शिकायत पर कोर्ट के आदेश से जल निगम के तत्कालीन अधिशासी अभियंता योगेंद्र कुमार नीरज, उनके भाई उपेंद्र कुमार नीरज और प्रोजेक्ट मैनेजर शैलेंद्र कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप है कि वर्ष 2023 में कराए गए कार्य का भुगतान न कर 19 लाख रुपये हड़प लिए गए।
भरतपुरी कॉलोनी निवासी ठेकेदार रविकर तिवारी ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2023 में योगेंद्र कुमार नीरज एक्सईएन थे। उन्होंने बताया कि उनके भाई उपेंद्र कुमार नीरज की ‘अक्षिता कंस्ट्रक्शन’ नाम से फर्म है, जिसका कार्यालय एलआरपी चौराहा पर स्थित है और उसी के माध्यम से कार्य दिलाया गया।
रविकर तिवारी के अनुसार एलआरपी चौराहा स्थित कार्यालय में बातचीत के बाद योगेंद्र कुमार नीरज की बातों पर विश्वास करते हुए उन्होंने प्रोजेक्ट मैनेजर शैलेंद्र कुमार निवासी विशम्भरपुर, जिला आंबेडकरनगर की सहमति से ग्राम कुसमौरी व ग्राम सिकंदरपुर (ब्लॉक फूलबेहड़) में पाइप लाइन बिछाने, बिल्डिंग निर्माण व ओवरहेड जलाशय आदि का कार्य कराया।
बताया गया कि हर माह 25 तारीख को बिल लगाने के पांच दिन के भीतर भुगतान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। इस पर अक्बतूर, 2024 में कार्य बंद कर दिया गया। बाद में जानकारी हुई कि संबंधित फर्म बिना वर्क ऑर्डर के काम कर रही थी।
आरोप है कि योगेंद्र कुमार नीरज, उपेंद्र कुमार नीरज और शैलेंद्र कुमार ने मिलकर धोखाधड़ी की नीयत से कार्य कराया और 19 लाख रुपये हड़प लिए। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पीड़ित का आरोप है कि पहले पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की, जिसके बाद कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।