अपनी पीड़ा सुनातीं बबली सिंह और नीलम
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लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णाथ में शिव मंदिर कॉरिडोर निर्माण में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई लोगों को दर्द देने लगी है। दुकान और घर खो चुके लोग मंगलवार को मलबे के पास रोते-बिलखते दिखे। शिव मंदिर कॉरिडोर निर्माण में अब तक के ध्वस्तीकरण में दुकान, भवन, धर्मशालाओं सहित करीब 40 निर्माण का अस्तित्व मिट चुका है। वहीं गोकर्ण तीर्थ के पास शिव मंदिर मार्ग में 30 से अधिक दुकानदारों का धंधा एक महीने से बंद है। रोजी-रोटी का जरिया छिन जाने से उनके आगे आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
रविवार को तीर्थ के सामने पांच दुकानों को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया था। इन दुकानों के पीछे बबली सिंह का घर भी ढहा दिया गया। अन्य घरों पर भी संकट के बादल छाए हैं। मंगलवार को देवरानी-जेठानी, स्वर्गीय वीरेंद्र सिंह की पत्नी बबली सिंह और स्वर्गीय महेंद्र सिंह की पत्नी नीलम सिंह मलबे के पास बैठी रो रही थीं। लोगों ने बताया कि यह महिलाएं देर रात तक अपनी दुकान और घर के मलबे के पास रोती रही हैं।
बबली सिंह और नीलम सिंह ने बताया कि उनके पास इन दुकानों के अलावा कोई दूसरा कमाई का जरिया नहीं था और न ही घर के ऊपर छत है। अधिकारी न जवाब दे रहे हैं और न ही कोई सुनने वाला है। बताया कि तत्काल में कांशीराम आवास में रहने की अस्थायी रूप में जगह दी गई है।
आखिर अब उनके परिवार का भरण पोषण कैसे होगा। नीलम सिंह की बेटी शादी योग्य है। महिलाओं ने विधायक को भी अपना दुखड़ा सुनाया। विधायक अमन गिरि ने बताया कि प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति व परिवार के पुनर्स्थापन की व्यवस्था की जा रही है। देर शाम कॉरिडोर स्थल का एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता ने निरीक्षण किया।