सुमिलेटर मशीन से वाहन चलाने का प्रशिक्षण लेती हुई छात्रा। फाइल फोटो
लखीमपुर खीरी। महिलाओं में वाहन चलाने का शौक बढ़ा है। यही वजह है कि एआरटीओ दफ्तर में हर माह 65 से 70 लाइसेंस सिर्फ महिलाओं के बन रहे हैं, जबकि पिछले सालों में यह संख्या प्रति माह 50 से 60 रहती थी।
आरटीओ दफ्तर के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2024 से सितंबर 2025 तक 750 से अधिक महिलाओं के लाइसेंस जारी हुए हैं। इधर, अक्तूबर में भी महिलाओं ने लाइसेंस बनवाए हैं। विभागीय अफसरों ने बताया कि महिलाओं में ड्राइविंग सीखने की रुचि वैसे तो पहले से है, लेकिन अब संख्या बढ़ी है। विभाग की ओर से महिलाओं को इसके प्रति जागरूक भी किया जाता है।
एआरटीओ शांति भूषण पांडेय ने बताया कि आठ अक्तूबर को आरटीओ दफ्तर में ड्राइविंग माय ड्रीम कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकीं 200 से अधिक छात्राओं को सुमिलेटर मशीन से मोटर ड्राइविंग का प्रशिक्षण दिया गया था। कार्यक्रम में 101 छात्राओं का लर्निंग लाइसेंस के लिए पंजीकरण किया गया था। साथ ही 15 के लर्निग लाइसेंस भी जारी किए गए थे। एआरटीओ ने बताया कि महिलाओं के लिए समय-समय पर इस तरह के आयोजन कराए जाते हैं।