निघासन। थाना क्षेत्र के एक गांव में पति को प्रेमिका के साथ रंगे हाथ पकड़ने पर पत्नी ने विरोध किया तो पति और प्रेमिका ने महिला की पिटाई कर मरणासन्न कर दिया और छोड़कर चले गए। जिंदगी और मौत से जूझ रही महिला ने मौत से पहले एक नोट लिखा और रिश्तेदार को फोन किया। बाद में उसका शव फंदे पर लटकता मिला। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक महिला के बाल सिर से टूटकर गिरे थे। उसके शरीर पर चोट के निशान थे, जिससे खून निकल रहा था। मृतका के भाई ने पुलिस को दी तहरीर में हत्या का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की बात कह रही है।
क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक और मृतका के भाई ने बताया कि उसकी 35 वर्षीय बहन की शादी निघासन थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति से करीब 22 साल पहले हुई थी। बताया कि गांव की ही एक महिला से उसके बहनोई का करीब चार साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इसे लेकर उसकी बहन और बहनोई में आए दिन विवाद होता था। आरोप है कि शनिवार रात करीब 11 बजे जब परिवार के लोग सो गए तो आरोपी चुपके से कमरे से उठकर घर के बाहर चला गया। पत्नी ने पीछा किया तो घर से करीब दो सौ मीटर की दूरी पर बांस के झुरमुटों के बीच वह प्रेमिका के साथ आपत्तिजनक स्थित में मिला।
पत्नी के विरोध करने पर पति और प्रेमिका ने उसकी जमकर पिटाई कर दी और मरणासन्न स्थित में पति ने उसे घर लाकर डाल दिया। इस दौरान किसी तरह महिला ने डायरी में एक नोट लिखा और अपने रिश्तेदार को फोन किया। बाद में महिला का शव फंदे पर लटकता मिला। रविवार को करीब 10 बजे मायके वालों को सूचना मिली। मृतका के भाई ने हत्या की तहरीर देकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
एक डायरी से मिला पत्र- महिला की मौत की सूचना पर पहुंचे उसके रिश्तेदार ने बताया कि उसने फोन पर घटना की जानकारी दी थी और पत्र लिखकर डायरी में रखे जाने की भी बात कही थी। पत्र डीएम को संबोधित था, जिसमें लिखा था कि पति के एक महिला से संबंध है। रंगे हाथ पकड़े जाने पर पति और प्रेमिका ने मृतका की बेरहमी से पिटाई कर अधमरा कर दिया था। मृतका के रिश्तेदार ने पत्र पुलिस को सौंप दिया है।
मृतका की बेटी नहीं चाहती थी पोस्टमार्टम - मृतका की एक 20 वर्षीय बेटी और 15 वर्षीय बेटा है। मां की मौत से दोनों बच्चे काफी आहत हैं। पुलिस के पहुंचने पर बेटी पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहती थी। उसने कई बार चौकी इंचार्ज विनोद सिंह और अपने मामा से पुलिस कार्रवाई के लिए मना किया।