बिजुआ। धर्मापुर उप स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार सुबह प्रसव के दौरान गांव मेडईपुरवा निवासी महेश की 27 वर्षीय पत्नी सरिता गुप्ता की मौत हो गई। परिवार वालों ने एएनएम सुमन पाल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
शव को उप स्वास्थ्य केंद्र के सामने लिंक मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। परिजन एएनएम के विरुद्ध एफआईआर और पांच लाख रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। तहसीलदार पलिया ज्योति वर्मा ने पहुंचकर पीड़ित परिवार को सरकारी मदद दिलाने तथा एएनएम पर रिपोर्ट दर्ज कराने का आश्वासन दिया, तब लोगों ने जाम हटाया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेज दिया। सरिता के दो बच्चे माही गुप्ता 4 वर्ष और देव गुप्ता 2 वर्ष हैं।
गुस्साए परिजनों ने सुबह आठ बजे से लेकर शाम चार बजे आठ घंटे तक धर्मापुर मेड़ईपुरवा लिंक मार्ग जाम रखा। इस बीच पहुंचे भीरा एसओ गोपाल नारायण सिंह के काफी समझाने पर दो पहिया वाहनों को निकलने दिया गया। सीएचसी अधीक्षक बिजुआ डॉ. सुभाष वर्मा, लेखपाल जगदेवपुर मनोज शुक्ला, तहसीलदार पलिया ज्योति वर्मा और कानूनगो विजेंद्र शुक्ला के साथ पीएसी बल भी मौके पर मौजूद रहा।
सीएचसी अधीक्षक बिजुआ डाॅ. सुभाष वर्मा ने बताया कि पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट के अनुसार अगर एएनएम की लापरवाही नजर आती है, तो कठोर कार्रवाही की जाएगी। भीरा एसओ गोपाल नारायण सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद परिवार के लोगों ने जाम खत्म कर दिया। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट आने के बाद उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में एएनएम सुमन पाल का कहना है कि जब दस बजे सरिता को लेकर परिवार के लोग आए थे, उन्होंने तभी बता दिया था कि बिजुआ सीएचसी या जिला महिला अस्पताल लेकर जाओ, लेकिन परिवार के लोगों ने यहीं पर प्रसव कराने के लिए दबाव बनाया। सुरक्षित प्रसव होने के बाद महिला के रक्तस्राव शुरू हो गया। उन्होंने महिला को बिजुआ सीएचसी ले जाने के लिए कहा। परिवार के लोग बिजुआ लिए जा रहे थे, रास्ते में मौत हो गई।
सरिता गुप्ता। फाइल फोटो