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47 दिन बाद पकड़ में आया तेंदुआ तो वन विभाग ने ली राहत की सांस

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Wild Animals
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धौरहरा/ईसानगर। 47 दिन बाद पिंजड़े में कैद हुए तेंदुए का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उसे दुधवा टाइगर रिजर्व भेज दिया गया है।
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बेलागढ़ी के मजरा बनटुकरा बंशीबेली में वन विभाग के लगाए एक पिंजड़े में 47 दिन बाद तेंदुआ कैद हो गया। वन क्षेत्राधिकारी अनिल शाह की टीम तेंदुए को लेकर शाम को वन रेंज कार्यालय पहुंची। वन रेंज में कर्तनिया वाइल्ड लाइफ डिवीजन के डॉक्टर सर्वेश राय ने तेंदुए का मेडिकल परीक्षण किया। डॉ. सर्वेश राय ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ मादा है, जिसकी उम्र करीब दो वर्ष है। वन क्षेत्राधिकारी ने यह स्पष्ट किया है कि पक्के तौर पर अभी नहीं कहा जा सकता है कि पकड़ी गई मादा तेंदुआ वही है जिसने बच्चों पर हमला किया था।
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गांव वाले अब भी रहें सतर्क
तेंदुआ पकड़े जाने की खबर से ग्रामीण ज्यादा खुश न हों। पकड़ा गया तेंदुआ वही है जिसने बच्चों को मारा था। वन विभाग इस बात की पुष्टि नहीं कर रहा है। हमला करने वाला तेंदुआ नर बताया गया था। इसके चलते वन विभाग को संदेह हो रहा है कि चहलकदमी करने वाले तेंदुए ने ही बच्चों पर हमला किया था या कोई और था। वन क्षेत्राधिकारी अनिल शाह ने बताया कि टीम गांव में भेजी है। ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि अभी बच्चों को खेतों में न भेजे। जब तक यह पुष्टि न हो जाए कि पकड़ा जाने वाला तेंदुआ वही है, जिसने बच्चों पर हमला किया था। किसान खेतों में अब भी समूह में ही जाएं।
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तेंदुए की वजह से हम लोग खेतों में भी जाने से डरते थे। अब बिना किसी डर के हम अपना काम कर पाएंगे। लोगों में तेंदुए का काफी खौफ था।
-गोगे निवासी, बनटुकरा
तेंदुए के आतंक से सभी ग्रामीण काफी डरे व सहमे थे। बच्चों का निकलना बंद था। खेतीबाड़ी के काम रुके थे। पिजड़े में कैद हो जाने के बाद हम लोगों ने राहत की सांस ली है।
-ननकाई, निवासी बेलागढ़ी
दो बच्चों को मौत के घाट उतार चुके इस तेंदुए से ग्रामीण काफी भयभीत थे। हर पल डर बना रहता था। सुबह उसके पकड़े जाने की सूचना मिली। तबसे पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल है।
-उर्मिला निवासी, ओझापुरवा
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हाल ही में तेंदुए के हमले की प्रमुख घटनाएं
. 30 दिसंबर 2019 गिरदा निवासी बालकराम (15) व दूबर (60) हमले में घायल।
. 7 जनवरी 2020 अख्तियारपुर निवासी एक युवक तेंदुए के हमले में घायल।
. 26 मार्च 2020 को डुडकी निवासी 10 वर्षीय बालिका की तेंदुए के हमले में मौत।
. 30 अप्रैल 2020 को बंशीबेली निवासी 12 वर्षीय बालक तेंदुए के हमले में घायल।
. 14 सितंबर 2020 चकदहा गांव के चमारनपुरवा निवासी 12 वर्षीय ब्रजेश की हमले में मौत।
. 27 सितंबर 2020 को बेलागढ़ी गांव के साहबदीनपुरवा निवासी 13 वर्षीय चंदन की तेंदुए के हमले में मौत।
. 5 अक्तूबर 2020 पाठकपुरवा निवासी बच्चालाल का 12 वर्षीय बेटा सिकंदर घायल।
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तेंदुए के पकड़े जाने पर गांव में दगे पटाखे
ग्रामीणों में तेंदुए के आतंक का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि तेंदुए के पिजड़े में कैद हो जाने की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने पटाखे छोड़कर खुशी का इजहार किया। साथ ही तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग को धन्यवाद कहा।
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... रो पड़े मृतक बच्चों के मां-बाप
बृहस्पतिवार सुबह तेंदुआ पिजड़े में कैद होने की सूचना चमारनपुरवा निवासी ब्रजेश व साहबदीनपुरवा निवासी चंदन के माता-पिता को हुई तो वे अपने बच्चों की याद कर रो पड़े। चंदन की मां का कहना था अगर ब्रजेश की मौत के बाद तेंदुआ जल्द पकड़ लिया जाता तो शायद मेरे बेटे की जान बच जाती। संवाद
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