धौरहरा। गांव धूसाखुर्द में बछिया का शिकार करने वाली मादा तेंदुआ अपने शावक के साथ गन्ने के खेत में डेरा डाले हुए है। गुरुवार की रात तेंदुआ फिर बस्ती के काफी करीब आ गई, जिसे देखकर ग्रामीणों ने शोर मचाया और आग जलाई। तब मादा तेंदुआ गन्ना के खेतों में छिप गई।
गांव धूसाखुर्द निवासी जलील की बछिया का शिकार करने वाली मादा तेंदुआ अपने शावक के साथ गन्ने के खेतों में डेरा जमाए बैठी है। वन विभाग की टीम पेट्रोलिंग कर रही है तो गांव वाले रात भर जाग कर पहरा दे रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक बृहस्पतिवार की रात 11 बजे मादा तेंदुआ बस्ती के काफी करीब आ गई, जिसे देखकर जाग रहे ग्रामीणों ने शोर मचाया और आग भी जलाई। वन विभाग की टीम ने सर्च लाइटों को जलाकर उजाला किया तब जाकर तेंदुआ गन्ना के खेतों में भाग गई। लगातार तीन दिनों से गांव की तरफ आ रहहे तेंदुए से ग्रामीणों में दहशत है। वन क्षेत्राधिकारी अनिल शाह ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले खेतों में न जाएं। बच्चों को भी खेतों में न जाने दें। तेंदुआ एक दो दिन में जंगल की ओर निकल जाएगा। संवाद