तिकुनिया-सिंगाही। निघासन के सिंगाही थाना क्षेत्र के गांव दलराजपुर के किसान ज्ञान सिंह को बाघ ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। उसके बाद से क्षेत्र में बाघ की दहशत के चलते ग्रामीण सहमे हुए है। जंगल किनारे लगे धान और गन्ने की फसल को काटने से भी किसान घबरा रहे हैं। खेतों में धान की फसल पकी खड़ी है।
रविवार को लापता हुए ज्ञान सिंह का क्षत-विक्षत शव मंगलवार को जंगल में मिला था। अवशेष मिलने के बाद पुलिस ने उसका पोस्टमार्टम कराया था। बुधवार को उनका शव गांव पहुंचा। शव को देखकर परिवार वालों में चीख पुकार मच गई। गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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क्या कहते है किसान
खुले आम घूम रहे बाघ को पकड़कर वनविभाग की टीम उसे पिंजड़े में बंद करे। ट्रेन बंद होने के कारण इस मार्ग से लोगों का आवागमन बढ़ गया है। ऐसे में लोग दहशत में है। यदि बाघ को न पकड़ा गया तो बड़ी घटना हो सकती है।
- हरेंद्र सिंह, खैरटिया
धान खेत में पका खड़ा है। मजदूरों से धान काटने के लिए कहा था, लेकिन डर के कारण वे खेत में नहीं जा रहे हैं। यदि बाघ का बंदोबस्त वनविभाग ने नहीं किया तो खेत में खड़ा धान उसी में झड़ जाएगा और किसानों के सामने आर्थिक दिक्कत आएगी। किसान की मेहनत बर्बाद हो जाएगी।
-करनैल सिंह, खैरटिया