बांकेगंज। तिकुनिया के खैरटिया गांव में महंत को निवाला बनाने वाला बाघ नहीं, बल्कि बाघिन है। वन विभाग ने पगचिह्नों को देखकर ये संभावना व्यक्त की है। दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी संजय पाठक का कहना है कि इस इलाके में अभी तक जिन अन्य 17 लोगों पर हमला हुआ है, उसमें महंत पहले शिकार हैं, जिन्हें बाघिन ने निवाला बनाया।
उन्होंने बताया कि इसके आदमखोर होने की आशंका बढ़ गई हैं। बाघिन को लोकेट करने के लिए प्रभावित स्थान पर 12 जोड़ी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा कतर्निया घाट से आए जयमाला और चंपाकली हाथियों के जरिए कांबिंग की जा रही है। दुधवा और कतर्निया घाट वन कर्मियों के साथ बाघ मित्रों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। जिसके जरिए सूचनाओं का आदान-प्रदान होगा। कतर्निया घाट वन्यजीव प्रभाग और दुधवा प्रभाग की संयुक्त टीमें पेट्रोलिंग कर ग्रामीणों को सुरक्षित करना निश्चित करेंगी।
रविवार को अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ( प्रोजेक्ट टाइगर) कमलेश कुमार, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ( आईटी सेल) विष्णु सिंह, एफडी संजय पाठक, बफरजोन उपनिदेशक सुंदरेशा समेत कई रेंजों के रेंजर और वन कर्मियों की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया है।
खैरटिया में बाघिन द्वारा पुजारी को निवाला बनाए जाने की घटना दुखद है। बाघिन के आदमखोर होने की आशंका बढ़ गई है। इसके चलते बाघिन को लोकेट कर उसे पकड़ने का प्रयास किया जाएगा। जब तक बाघिन पकड़ी नहीं जाती है, ग्रामीणों को सतर्कता बरतनी चाहिए। वन विभाग की टीमें लगातार पेट्रोलिंग कर रही हैं।
- संजय पाठक,मुख्य वन संरक्षक