जिले की मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग हर साल दर्जनों लोगों की मौत का कारण बनती हैं। कई बड़े हादसे होने के बाद भी रेलवे विभाग ने इन क्रॉसिंग पर बैरियर लगाने की जरूरत नहीं समझी है। सीतापुर रोड पर ओवरब्रिज बनने के बाद शहर के अंदर ही एक मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग बन गई है। इस रेलवे क्रॉसिंग के बनने के बाद कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। जिले के लोगों को आने वाले रेल बजट से अपेक्षा है कि इन मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर बैरियर लगाकर गेटमैन तैनात हों।
जिले में कुल 47 मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग हैं। हर साल दर्जनों लोग इन रेलवे क्रॉसिंग पर हादसे का शिकार होते हैं। कई बड़े हादसों के बाद भी रेलवे विभाग ने इन क्रॉसिंग पर बैरियर लगाने या गेट मैन तैनात करने की जरूरत नहीं समझी। खीरी सांसद अजय मिश्र टेनी ने जिले के 47 स्वीकृत मानव रहित रेलवे क्रॉसिंगों पर बैरियर लगाने के लिए धन इसी बजट सत्र में उपलब्ध कराने की मांग की है। हालांकि महाराजनगर की मानव रहित क्रॉसिंग पर बैरियर का काम शुरू हो गया है।
मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर हुए बड़े हादसे
-करीब 15 साल पहले भल्लिया बुजुर्ग की मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर बारातियों से भरी बस ट्रेन की चपेट में आने से दो दर्जन लोगों की मौत हुई
-दो साल पहले तिकुनिया-खैरटिया के बीच जसनगर मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन की चपेट में आने से कार सवार दो लोगों की मौत
-दो साल पहले शहर के महाराजनगर मोहल्ले में बनी नई मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन की चपेट में आकर एक कार पर सवार दो महिलाओं और चालक की मौत
‘धनराशि का प्रावधान हो’
मानव रहित रेलवे क्रॉसिंगों पर आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उन पर बैरियर लगाने और गेटमैन तैनात करने के लिए इस बजट में आवश्यक धनराशि का प्रावधान किया जाए
-पूनम शर्मा, समाजसेवी
‘खतरे में न डाले रेलवे’
मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर जिले में ही नहीं पूरे देश में दुर्घटनाएं हो रही हैं। इस तरह इंसानों को खतरे में नहीं डाला जाना चाहिए। आने वाले बजट में इन हादसों को रोकने के लिए जरूरी इंतजाम होने चाहिए।
-नीता गर्ग, गृहणी
मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग खत्म हों
मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग बेहद खतरनाक हैं। रेलवे के तमाम प्रयासों के बावजूद इन पर हादसे होते हैं। आने वाले रेलवे बजट में कुछ ऐसा प्रावधान हो कि मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग खत्म की जा सकें।
डॉ. जेएन सिंह, प्राध्यापक वाईडी कॉलेज
बड़े हादसों के बाद भी नहीं चेता रेलवे प्रशासन
भल्लिया बुजुर्ग, जसनगर और महाराजनगर की मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर हुए सड़क हादसों से रेलवे विभाग को सबक लेना चाहिए। या तो क्रॉसिंग खत्म की जाएं या इन पर बैरियर लगाकर गेटमैन तैनात हों।
-केके मिश्र, शिक्षक