देवकली में स्थित सूर्यकुंड
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
सूर्य उपासना का प्रमुख केंद्र है देवकली
देवकली सूर्य उपासना का प्रमुख केंद्र रहा है। देवेश्वरनाथ शिव मंदिर के ठीक सामने 70 मीटर लंबा और 60 मीटर चौड़ा एक मनोरम तीर्थ हैं, जिसमें उत्तर की ओर पक्की सीढ़ियां बनी हुई हैं। महिलाओं के स्नान के लिए स्नानघाट बना है। यह तीर्थ सूर्यकुंड के नाम से प्रसिद्ध है। सूर्यकुंड होने से यह प्रमाणित होता है कि यह स्थान सूर्य उपासना का प्रमुख केंद्र रहा होगा।
नाग पंचमी पर यहां जुटते हैं सपेरे, लगता है मेला
नाग पंचमी के दिन देवकली में सपेरों का बड़ा मेला लगता है। जिनकी कुंडली में कालसर्प योग होता है, वह यहां विशेष अनुष्ठान कराते हैं। इससे उनके कालसर्प दोष का निदान हो जाता है। नाग पंचमी के दिन यहां काल सर्प योग के निदान के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं। इसके अलावा प्राचीन देवेश्वर नाथ शिवलिंग का जलाभिषेक करने और नाग पूजा के लिए यहां दूर दूर से श्रद्घालु आते हैं। नागपंचमी को यहां मेला लगता है।