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दबाव बढ़ा तो वांछित अंकित दास और उसके गनर लतीफ ने भी किया सरेंडर

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कोर्ट से जिला जेल जाते अंकित दास और काले उर्फ लतीफ।
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दोनों बुधवार को पहुंचे क्राइम ब्रांच के दफ्तार, पूछताछ के बाद गिरफ्तार
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तिकुनिया कांड में अब तक छह आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी

लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते वांछित अंकित दास और उसके गनर लतीफ उर्फ काले ने बुधवार को क्राइम ब्रांच दफ्तर पहुंचकर एसआईटी के सामने सरेंडर कर दिया। पुलिस ने पहले दोनों से पूछताछ की, जिसके बाद रिमांड के लिए दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया है। इसके बाद तिकुनियां कांड में कुल गिरफ्तार अभियुक्तों की संख्या बढ़कर छह हो गई है।
तिकुनिया मामले की जांच कर रही एसआईटी मुख्य अभियुक्त आशीष मिश्र मोनू के करीबी अंकित दास निवासी बाबू बनारसी दास भवन, लखनऊ व उसके गनर लतीफ उर्फ काले निवासी घुसियाना थाना फरधान को गिरफ्तार करने के लिए कई दिन से प्रयासरत थी। मामले में नाटकीय ढंग से मंगलवार को ही अंकित दास एक अन्य आरोपी मोहम्मद लतीफ के साथ सिविल कोर्ट पहुंचा था, जहां अधिवक्ता के माध्यम से आत्मसमर्पण की अर्जी दाखिल की थी।
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इस मामले में सीजेएम चिंता राम ने सुनवाई करते हुए तिकुनिया पुलिस से आरोपियों के संबंध में रिपोर्ट आख्या मांगते हुए 14 अक्टूबर को अगली सुनवाई तय की थी। मगर 14 अक्तूबर की सुनवाई से पहले ही बुधवार को अंकित दास के घर पर एसआईटी ने सीआरपीसी 160 के तहत पूछताछ के लिए नोटिस चस्पा कर दिया, जिसके बाद बुधवार को अंकित दास और लतीफ उर्फ काले दोनों वकील के साथ क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंचे और डीआईजी/विवेचक उपेंद्र अग्रवाल के सामने सरेंडर कर दिया।
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पुलिस ने अंकित दास और उसके गनर लतीफ से करीब ढाई घंटे तक पूछताछ की। मगर जांच में सहयोग न मिलने पर और खुद अपनी बातों पर विरोधाभासी कथन पर पुलिस टीम ने प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए, दोनों को गिरफ्तार कर लिया। डेढ़ बजे गिरफ्तारी के बाद दोनों को पुलिस अभिरक्षा में पौने चार बजे सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। जहां से सीजेएम चिंता राम ने उन दोनों को दस दिन की न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेज दिया। इसी बीच जांच टीम ने अदालत से दोनों की अभियुक्तों की पुलिस कस्टडी में पूछताछ की जरूरत बताई। कहा कि मौके पर सीन का रीक्रिशन कराना है और कुछ गवाहों से आमना-सामना भी कराना है। इसके लिए उन्हें दोनों अभियुक्तों की 14 दिन की पुलिस हिरासत की जरूरत है। इस पर कोर्ट ने आरोपियों की ओर से पेश हुए, अधिवक्ता अवधेश सिंह, शैलेंद्र सिंह गौड़ और लखनऊ हाईकोर्ट से आए तमाम वकीलों की सुनवाई के बाद तीन दिन के लिए सशर्त पुलिस हिरासत में पूछताछ मंजूर कर दी।

पुलिस ने अभियुक्त शेखर को तीन की रिमांड पर लिया

तिकुनिया हिंसा मामले में मंगलवार को गिरफ्तार किए गए ड्राइवर शेखर भारती को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजे जाने के बाद बुधवार को पुलिस रिमांड में भेजे जाने के लिए कोर्ट में सुनवाई हुई। पुलिस ने 14 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने बुधवार से तीन दिन की रिमांड स्वीकृत की है। पुलिस ने शेखर को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

शेखर ने किया खुलासा, असलहों सहित वह अंकित दास के साथ मौके पर था

पुलिस की जांच पर यकीन करें तो शेखर भारती ने बताया है कि वह लखनऊ से अंकित दास के साथ काले उर्फ लतीफ, सुधांशु शेखर, नंदन सिंह समेत पांच लोगों के साथ काली फॉर्च्यूनर गाड़ी से लखीमपुर तिकुनियां दंगल में शामिल होने तीन अक्तूबर की सुबह छह बजे चल दिए थे। कुछ देर सीतापुर में रुकने के बाद वह पांचों लोग काली फॉर्च्यूनर से बनवीरपुर पहुुंचे थे, जिसमें अंकित दास के पास रिपीटर गन और दूसरे साथी के पास गोल चक्के वाली (रिवॉल्वर) गन थी। यह लोग करीब डेढ़ बजे आशीष मिश्र मोनू के दंगल कार्यक्रम में पहुंचे थे। तभी कुछ सरदारों ने सफेद रंग की गाड़ी से आकर बताया कि प्रदर्शनकारी किसानों ने उनकी गाड़ी तोड़ दी है। इसके जवाब में हम लोग मौके पर चल दिये। सबसे आगे थार चल रही थी। उसके बाद काली फॉर्च्यूनर और फिर उसके बाद सफेद स्कॉर्पियो थी। उसकी काली फॉर्च्यूनर में कौन-कौन सवार थे, वह जानकारी दे सकता है। अन्य गाड़ियों में कौन थे यह बताने से इनकार कर दिया। तीन दिन की पुलिस रिमांड मंजूर होने के बाद अब शेखर भारती को लेकर पुलिस घटनास्थल पर ले जाएगी और सीन का रीक्रिएशन कर, अपने तरीके से उसके बयानों की क्रॉस चेकिंग करेगी।

तिकुनिया मामले में दोनों वांछित अभियुक्तों अंकित दास व लतीफ ने बुधवार को सरेंडर कर दिया है। दोनों से पूछताछ के बाद 14 दिन की पुलिस रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट के समक्ष पेश किया गया था, जहां से दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेजा गया है। दोनों को पुलिस रिमांड पर लेने की अर्जी अदालत में दाखिल की गई थी, जिस पर लंबी सुनवाई के बाद सीजेएम ने तीन दिनों के लिए पुलिस हिरासत में पूछताछ की मंजूरी दी है।- उपेंद्र अग्रवाल, डीआईजी

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