मंडी की आढ़तों पर लगे गेहूं के ढेर-संवाद
लखीमपुर खीरी। जिले में सोमवार से गेहूं खरीद शुरू होनी थी, लेकिन पहले ही दिन व्यवस्था की पोल खुल गई। केंद्रों पर बैनर तो लगे दिखे, मगर कर्मचारी नदारद रहे। मजबूरी में किसान अपनी फसल निजी आढ़तों पर 2100 से 2120 रुपये प्रति क्विंटल के भाव में बेचने को विवश नजर आए।
डिप्टी आरएमओ नमन पांडेय ने बताया कि जिले में कुल 134 गेहूं क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इस बार किसानों को 2585 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा, जो पिछले वर्ष से 160 रुपये अधिक है। सोमवार तक 5944 किसानों ने पंजीकरण कराया है। शहर की राजापुर मंडी में विभिन्न एजेंसियों के 15 केंद्र स्थापित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि केंद्रों पर कांटा, नमी मापक यंत्र और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं, लेकिन पहले दिन कहीं से खरीद शुरू होने की सूचना नहीं मिली। फसल देर से पकने के कारण खरीद में करीब एक सप्ताह की देरी की संभावना जताई गई है। किसानों से अपील की गई है कि वे फसल को अच्छी तरह सुखाकर ही केंद्रों पर लाएं।
n एमएसपी से कम दाम पर बिक्री ःमंडी की निजी आढ़तों पर गेहूं की आवक शुरू हो गई है, जहां किसानों को एमएसपी से कम दाम मिल रहा है। सूखा गेहूं 2100 से 2120 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदा जा रहा है। किसानों का कहना है कि सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण उन्हें मजबूरी में कम कीमत पर फसल बेचनी पड़ रही है।
मंडी की आढ़तों पर लगे गेहूं के ढेर-संवाद