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मौसम के बदले तेवर से किसान हलकान

Thu, 02 Mar 2017 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
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फसल - फोटो : अमर उजाला
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आसमान में छाए रहे बादल, दिनभर हुई बूंदाबांदी
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पिछले एक सप्ताह से हो रही गर्मी के बाद गुरुवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। दिन में कई बार बूंदाबांदी हुई। हालांकि तापमान में खास गिरावट नहीं आई है लेकिन धूप से राहत मिली। दिन में कई बार बूंदा बांदी होने से कुछ समय के लिए जनजीवन अस्तव्यस्त हुआ। बदले तेवर से मौसम खुशनुमा तो हो गया, लेकिन किसानों के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगी हैं। इन दिनों लाही, सरसों, गेहूं, चना और मसूर की फसल तैयार हो रही है। तेज बारिश और ओले गिरने से इन फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
गोला गोकर्णनाथ। मौसम में गुरुवार को खासा बदलाव नजर आया। कभी तेज धूप और कभी बादल छाए रहने से किसान फसलों को लेकर चिंतित रहे। ग्रामीण इलाकों में हल्की बरसात हुई है। जबकि कई जगह बूंदाबांदी हुई और दिन भर बादल छाए रहे। इसके चलते किसानों ने खेतों में सरसों की फसल कटाई तेज कर दी।
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ममरी। बुधवार की रात और गुरुवार सवेरे गरज चमक के साथ बरसात होने से लाही और आम के बौर को काफी क्षति पहुंची है। अंधड़ में गेहूं की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि जरा सी भी ओलावृष्टि हुई तो उनकी खून पसीने की कमाई मिट्टी में मिल जाएगी। 
बांकेगंज। गुरुवार अलसुबह से हुई बारिश से मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। सारे दिन आसमान में छाई काली घटा के साथ चलने वाली हवाओं से दिन में कई बार रुक-रुक कर कभी तेज तो कभी हल्की बारिश हुई। हवाओं के साथ बारिश होने के कारण गेहूं, लाही, मसूर और आलू की फसल को क्षति पहुंची है।

बदलता मौसम सावधानी की जरूरत
बांकेगंज। बार-बार मौसम के बदलाव से कभी ठंड बढ़ जाती है तो कभी तेज धूप से गर्मी हो रही है। डॉक्टरों ने ऐसे में सावधानी बरतने की सलाह दी है। जनवरी के बाद मौसम में अचानक गर्मी बढ़ गई। इसके बाद हुई बारिश से फिर ठंड बढ़ गई। बसंत पंचमी के दौरान तेज धूप से फिर मौसम गर्म हो गया, लेकिन गुरुवार हुई फाल्गुनी बारिश से अचानक मौसम फिर बदल गया। मौसम का यह बदलाव स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकता है। बारिश में भीगने से वायरल जुकाम खांसी आदि की समस्या हो सकती है।
बांकेगंज सीएचसी अधीक्षक डॉ सुशील कुमार मरवरिया ने बताया कि मौसम के बार-बार बढ़ते-घटते तापमान के अनुसार स्वयं को एडजस्ट करने में शरीर को कुछ समय लगता है। कहा कि यदि मौसम में बदलाव जल्दी-जल्दी होने लगे तो शरीर बदलाव के अनुसार स्वयं को नहीं बदल पाता। ऐसे में वायरल और कोल्ड डायरिया, सर्दी, जुकाम, खांसी और इंफेक्शन हो सकता है।
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ऐसे करें बचाव.....
सीएचसी अधीक्षक डॉ सुशील कुमार मरवरिया ने बताया कि बदलते मौसम में सावधान रहने की जरूरत है। बारिश में भीगने से बचें, साथ ही मौसम के थोड़ा गर्म होने पर ऐसा न करें कि गर्म कपड़े उतार कर रख दें। सर्दी का भी जितना हो सके बचाव करें। खाना ताजा खाएं, साफ. सफाई रखें और वायरल या जुकाम खांसी हो जाने पर अस्पताल जाकर इलाज कराएं।
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