अगस्त क्रांति दिवस पर भाकपा माले और अखिल भारतीय किसान सभा का प्रदर्शन
भाकपा माले और अखिल भारतीय किसान महासभा ने राष्ट्रीय आह्वान पर बुधवार को जुलूस निकालने के बाद नसीरुद्दीन मौजी भवन में सभा की। सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा पूंजीपतियों के हाथों बिक चुकी है। भाजपा देश को देशी-विदेशी पूंजीपतियों के हाथ बेच रही है।
धरना सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले केंद्रीय कमेटी सदस्य कृष्णा अधिकारी ने कहा कि 1942 अगस्त क्रांति का ऐतिहासिक दिन आज के दौर में प्रासंगिक हो गया है। कहा कि आजादी की लड़ाई में जिनका कोई सरोकार नहीं है वह आज केंद्र और प्रदेश सरकार में आसीन है। उनके हाथों में शहीदों की कुर्बानी से हासिल आजादी, लोकतंत्र और संविधान खतरे में है।
कृष्णा अधिकारी ने कहा कि जंगल, जमीन, जलाशयों से गरीबों और दलितों और जीएसटी लागू कर बड़ी कंपनियों को स्थापित करने के लिए छोटे दुकानदारों को उजाड़ा जा रहा है। भाजपा की इन जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों पर गोली चलाकर नरसंहार और विस्थापन के खिलाफ धरने पर बैठी मेघा पाटेकर को गिरफ्तार किया गया लेकिन इससे आंदोलन कमजोर नहीं होगा। किसान महासभा के नेता रामदरस ने कहा कि भाजपा ने आते ही गरीबों, दलितों पर हमले तेज कर दिए हैं। इस सरकार के आते ही भूमाफियाओं के बजाय गरीबों को उजाड़ने का फरमान जारी कर दिया है। इसके खिलाफ जनता खड़ी होकर इसे सत्ता से उखाड़ फेंकेगी। माले के वरिष्ठ नेता कमलेश रॉय ने कहा कि केेंद्र और राज्य सरकारें जातीय उन्माद के उत्पादन की सरकार है। इनके सत्ता में आते ही अल्पसंख्यकों, दलितों और महिलाओं पर अत्याचार बढ़े हैं। इसके लिए हमें आगे आना होगा। सभा को सीताराम, रंजीत, राम किशुन, जवाहर, गजेंद्र ने संबोधित किया। अध्यक्षता राम दुलारे भारतीय ने की।
अगस्त क्रांति दिवस पर निकाला मशाल जुलूस
लखीमपुर खीरी। भारत छोड़ो आंदोलन नौ अगस्त-क्रांति दिवस की पूर्व संध्या पर भगत सिंह अंबेडकर विचार मंच के तत्वावधान में सांप्रदायिकता भारत छोड़ो मशाल जुलूस निकाला गया। जुलूस डॉ. अंबेडकर पार्क से आजादी के अंतिम शहीद राजनरायन मिश्र स्मारक तक निकाला गया। जिसके बाद लोगों ने शहीद राजनरायन की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
मशाल जुलूस के दौरान युवा हमें चाहिये सांप्रदायिकता से आजादी, आजादी पूंजीवाद से, हमें चाहिए आजादी जातिवाद से, हमें चाहिए आजादी बेरोजगारी से आदि नारे लगा रहे थे। संबोधित करते हुए सुरेंद्र कुमार ने कहा कि अगस्त क्रांति दिवस आज के दौर में पहले से ज्यादा प्रासंगिक हो गया है क्योकि 75 साल पहले अंग्रेजों को भारत से बाहर करने की लड़ाई लड़ी थी, गुलामी से आजादी की लड़ाई लड़ी थी। आज देश के अंदर फूट डालो-राज करो की अंग्रेजी नीतियों के झंडाबरदार, आजादी के आंदोलन के गद्दार आरएसएस के लोग देश के अंदर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करके सत्ता पर काबिज हैं। क्रांति कुमार सिंह, वरुण कटियार, शाश्वत मिश्र, तेज लाल निषाद और मुस्ताक अली अंसारी आदि ने भी संबोधित किया। इस मौके पर मनीष, अनिल, वीरेंद्र वर्मा, सुशील वर्मा, धर्मदत्त तिवारी, पदुम तिवारी, आशीष कुमार आदि लोग मौजूद रहे।