बांकेगंज-कुकरा मार्ग पर खराब पड़ा वॉटर प्यूरीफायर सिस्टम। संवाद
बांकेगंज। ग्रंट नंबर-10 पंचायत में वर्ष 2022-23 में लगाया गया वाटर प्यूरीफायर सिस्टम एक साल बाद ही ठप हो गया। भीषण गर्मी में ग्रामीणों और राहगीरों को पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है। वहीं इसके रखरखाव की जिम्मेदारी को लेकर अधिकारियों के बयान भी अलग-अलग हैं।
15वें वित्त आयोग योजना के तहत जिला पंचायत ने कुकरा-बांकेगंज मार्ग पर एक स्कूल के पास वाटर प्यूरीफायर सिस्टम लगवाया था। लोगों को करीब एक वर्ष तक इसका लाभ मिला, लेकिन तकनीकी खराबी के बाद यह बंद हो गया। अब यह सिस्टम शोपीस बनकर रह गया है।
ग्रामीणों और राहगीरों का कहना है कि मशीन में खराबी आने के बाद पानी निकलना बंद हो गया, लेकिन इसे ठीक कराने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। इससे आसपास के लोगों और राहगीरों को दूसरे साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
स्कूली बच्चों ने बताया कि यह सिस्टम पानी से बैक्टीरिया, वायरस, धूल-मिट्टी और हानिकारक रसायनों को हटाकर उसे पीने योग्य बनाता था। इसके बंद होने से गर्मी में परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने खराब पड़े वाटर प्यूरीफायर सिस्टम की मरम्मत और गुणवत्ता जांच की मांग की है।
एडीओ पंचायत आरिफ हुसैन ने बताया कि हस्तांतरण के संबंध में कोई पत्रावली कार्यालय में उपलब्ध नहीं है और न ही कोई सूचना है। वहीं जिला पंचायत के जेई राजीव कुमार का कहना है कि क्षेत्र में जिला पंचायत की ओर से लगाए गए वाटर प्यूरीफायर सिस्टम ग्राम पंचायत को हैंडओवर किए जा चुके हैं। इनके रखरखाव और देखभाल की जिम्मेदारी संबंधित पंचायत की है।