मैलानी। नारंग गांव के पास जंगल किनारे खेतों में बाघ दिखाई देने की सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों को तेंदुए के पैरों के निशान मिले। वन विभाग की ओर से लगाए गए कैमरों और निगरानी के दौरान भी बाघ या तेंदुए की कोई गतिविधि नजर नहीं आई।
नारंग के ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार शाम दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन की मैलानी रेंज के जंगल से सटे खेतों में बाघ दिखाई देने की सूचना वन विभाग को दी। मौके पर पहुंचे वनकर्मियों को खीरे के खेतों के रास्ते पर पैरों के निशान मिले, जो बाघ के बजाय तेंदुए के थे।
वन क्षेत्राधिकारी सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बाघ या तेंदुए की लोकेशन के लिए जंगल किनारे संभावित स्थल के पास चार कैमरे लगाए गए और वनकर्मियों को निगरानी में लगाया गया। शुक्रवार सुबह तक न तो कैमरों में और न ही निगरानी के दौरान बाघ या तेंदुए की कोई लोकेशन मिली। इस कारण कैमरे मौके से हटवा दिए गए हैं।
हालांकि, दो शावकों संग देखी गई मादा तेंदुए ने 13 जुलाई को खेतों में काम कर रहे दो युवकों पर हमला कर घायल किया था। उन्होंने ग्रामीणों से खेतों में काम करने व शौच के लिए समूह में सावधानीपूर्वक जाने और हिंसक पशु दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की। संवाद