लखीमपुर खीरी। जनपद में अच्छी बारिश होने के बाद गन्ने में बढ़वार के लिए यूरिया का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे यूरिया की डिमांड बढ़ गई है। सहकारी समितियों में यूरिया खाद कुछ घंटों में ही बंट गई, जिससे किसानों को मजबूरन प्राइवेट दुकानों की शरण में जाना पड़ा। समितियों में खाद न होने से प्राइवेट दुकानदारों ने 30 रुपये प्रति बोरी ओवररेटिंग शुरू कर दी है। इससे किसानों में खलबली है।
शहर के राजापुर मंडी स्थित इफको किसान सेवा केंद्र पर भी कई दिनों से यूरिया खाद उपलब्ध न होने से किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। ऐसे ही पैक्स, गन्ना विभाग समेत सभी सहकारी समितियों में यूरिया का टोटा पड़ा है, जिनमें यूरिया उपलब्ध है भी तो वहां किसानों को कर्जे पर यूरिया दी जा रही है। नकद वाले किसानों को खाद नहीं दी जा रही है। पिछले महीने भी यूरिया खाद की किल्लत से किसानों को जूझना पड़ा था, जिससे डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने सहकारिता विभाग के पास रबी सीजन के लिए प्री पोजशनिंग स्टॉक में रखी 7450 मीट्रिक टन यूरिया में से 33 प्रतिशत यूरिया एक जुलाई से रिलीज करने के आदेश दिए थे, जिससे करीब 2400 मीट्रिक टन यूरिया समितियों को मिलेगी। जुलाई में एक सप्ताह बीतने के बावजूद रिलीज हुई यूरिया की आपूर्ति सहकारी समितियों में नहीं की गई है, जिससे भी खाद की किल्लत बढ़ी है। वहीं लॉकडाउन के चलते अप्रैल और मई में लक्ष्य के सापेक्ष 14 हजार मीट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति नहीं मिल पाई थी। हालांकि एआर कोआपरेटिव रत्नाकर सिंह ने बताया है कि समितियों पर यूरिया की कमी नहीं होने दी जाएगी। प्री पोजशनिंग स्टॉक से यूरिया की आपूर्ति गुरुवार से समितियों पर पहुंचने लगेगी। उन्होंने बताया कि गुजरात के कांडला से यूरिया की रैक लोड हो रही है, जो दो दिन में सीतापुर रैक प्वाइंट पर पहुंचेगी। इससे पहले 29 जून को यूरिया की रैक आई थी। उन्होंने कहा कि यदि किसानों को समितियों से खाद मिलने में दिक्कत आ रही है, तो इसकी सूचना एआर कोआपरेटिव के मोबाइल नंबर 9412977684 पर दें। समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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यूरिया खाद की बोरी 400 रुपये में खरीदने को किसान मजबूर
फरधान। क्षेत्र में बुधवार को यूरिया खाद की जमकर कालाबाजारी की गई। समिति से किसानों को नकद में यूरिया नहीं दी गई। इससे किसानों को मजबूरन प्राइवेट दुकानों पर 266.50 रुपये वाली बोरी 300 से 350 रुपये तक में खरीदनी पड़ी। मंगलवार को अच्छी बारिश होने के बाद किसान गन्ना और धान में यूरिया डालने के लिए खरीदने लगे हैं। खाद लेने के लिए किसान जब समिति में गए तो वहां यूरिया खाद नकद देने से मना कर दिया गया। समिति सचिव ने कहा किसानों को नकद खाद नहीं दी जाएगी। जो किसान खाद लेना चाहते हैं, वह कागजी कार्रवाई के बाद कर्ज पर खाद ले सकते हैं। इससे मजबूर होकर किसान विपिन वाजपेयी, दिनेश कुमार वर्मा, श्यामपाल, ओमकार सिंह आदि ने कस्बे की प्राइवेट दुकानों से खाद खरीदी। विपिन बताया कि अब तक 270 रुपये की बोरी मिलती थी, लेकिन बुधवार को 350 रुपये की यूरिया मिली। सुबह से शाम तक खाद के दाम बढ़ते ही रहे। सुबह पहले कुछ दुकानदारों ने 350 रुपये की बेची, जिसके बाद शाम तक 400 रुपये तक वसूले गए। किसानों का कहना है यदि समिति में यूरिया नकद दी जाती, तो किसानों को इतनी महंगी यूरिया न खरीदनी पड़ती। संवाद
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समितियों पर डिमांड ज्यादा होने से कुछ जगहों पर यूरिया की किल्लत हुई है। समिति के सदस्यों को पहले खाद देने के निर्देश दिए गए हैं। एक-दो दिनों मेें यूरिया की रैक लगने वाली है, जिससे जल्द ही समस्या दूर हो जाएगी। इसके अलावा प्री पोजशनिंग स्टॉक से 33 प्रतिशत यूरिया सकमितियों को भेजी जा रही है।
-रत्नाकर सिंह, एआर कोआपरेटिव
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प्राइवेट दुकानों पर खाद की ओवररेटिंग नहीं होने दी जाएगी। यदि कोई दुकानदार ऐसा करता है, तो उसका लाइसेंस निलंबित करके सख्त कार्रवाई की जाएगी। यूरिया या कोई अन्य खाद लेते समय दुकानदार से किसान रसीद भी जरूर प्राप्त करें। कोई दुकानदार निर्धारित मूल्य से अधिक वसूलता है, तो इसकी शिकायत मोबाइल नंबर 8853732383 पर करें।
-सत्येंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी