कैसे होंगे बिटिया के हाथ पीले
बूधरपुर गांव निवासी किसान प्रमोद कुमार का कहना है कि बेमौसम हुई बारिश से उनके खेतों में खड़ी दो एकड़ गेंहू फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई। फसल कटाई के बाद बिक्री के पैसों से बिटिया के हाथ पीले करने थे। बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से उनके अरमानों पर पानी फिर गया। इसी गांव के किसान गेंदन लाल का कहना है कि बेमौसम बारिश से किसानों की खेती-बाड़ी चौपट होने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। खेत में कटी पड़ी फसल की मड़ाई कैसे होगी इसकी चिंता सता रही है।
किसान अमर सिंह का कहना है कि बेमौसम बारिश से किसानों की कमर टूट गई है। पानी में डूबी गेहूं फसल धूप निकलने से काली पड़ने लगी है। फसल बर्बाद होने से बच्चों की पढ़ाई और घर खर्च चलाने में दिक्कत होगी। किसान मुनीश कुमार का कहना है कि बेमौसम बारिश से क्षेत्र में करीब 500 एकड़ गेंहू फसल जलमग्न हो गई। इससे किसानों को भारी क्षति हुई है। बावजूद इसके तहसील प्रशासन का कोई कर्मचारी और अधिकारी फसल नुकसान सर्वे करने नहीं पहुंचा।