लखीमपुर खीरी। जिले में स्वास्थ्य सेवाएं दम तोड़ रही हैं। चिकित्सकों के समय से न पहुंचने और जांच को लेकर मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांवों की सीएचसी से लेकर जिला अस्पताल तक की हालत खराब है। बेहतर इलाज की उम्मीद में आने वाले मरीजों को मायूस होना पड़ रहा है।
सोमवार को जिला अस्पताल में 1654 मरीजों को ओपीडी रही। सुबह आठ बजे से पर्चा काउंटर पर लंबी लाइन लगी रही। करीब दो घंटे बाद पर्चा बना तो चिकित्सकों तक पहुंचने में मरीजों के पसीने छूट गए। किसी तरह चिकित्सकों से जांच कराने के बाद मरीज जब अल्ट्रासाउंड जांच के लिए पहुंचे तो बताया कि रेडियाेलॉजिस्ट छुट्टी पर हैं। इससे मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा। बता दें कि जिला अस्पताल में प्रतिदिन तकरीबन 70-100 मरीज अल्ट्रासाउंड जांच के लिए पहुंचते हैं। जांच ठप हो जाने पर उनकी दिक्कतें बढ़ जाती हैं।
गैसापुर गांव से आए रामजी ने बताया कि पेट में दर्द की शिकायत पर चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड जांच लिखी है। यहां पर बताया कि जांच करने वाले डॉक्टर छुट्टी पर हैं। अब बाहर से ही जांच करानी पड़ेगी। देउवापुर गांव से आई निधि ने बताया कि सुबह के आए हुए हैं। बहुत मुश्किल से पर्चा बना। इसके बाद चिकित्सक को दिखाने में समय लग गया। जांच कराने पहुंचे तो बताया कि डॉक्टर छुट्टी पर हैं। जांच के लिए अब दोबारा आना पड़ेगा।
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सीएचसी में न जांच, न इलाज, व्यवस्थाओं की भी अटकी सांस
खमरिया। सीएचसी खमरिया की हालत काफी खराब है। मुख्य गेट से लेकर परिसर तक जलभराव की स्थिति है। बिजली नहीं आने पर जलभराव की वजह से जनरेटर की सुविधा भी इस समय ठप है। इससे यहां जांचें प्रभावित हो रही हैं। इसका सीधा असर यहां आने वाले मरीजों पर पड़ रहा है।
सोमवार को सीएचसी आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। निर्धारित समय पर डॉक्टरों के अस्पताल न पहुंचने पर मरीजों की लंबी कतार लगी रही। अस्पताल में काफी देर तक मरीज एलटी का इंतजार करते दिखे। डॉक्टरों के अनुपस्थित रहने के कारण जांच और इलाज का काम शुरू नहीं हो सका।
मरीजों ने बताया कि वे सुबह से लाइन में खड़े थे लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी महिला चिकित्सक नहीं आईं। लैब टेक्नीशियन भी समय पर नहीं पहुंचे। इससे मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा। लाखुन गांव से आए अंकित कुमार ने बताया कि वह अपनी बेटी राधा देवी का इलाज कराने आए हैं। काफी देर से इंतजार कर रहे हैं। महिला चिकित्सक की कुर्सी खाली है, वह अभी तक अस्पताल नहीं पहुंचीं।
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चिकित्सक को दिखाया है और उन्होंने एक्स-रे जांच लिखी है लेकिन यहां बताया गया कि बिजली नहीं आ रही है। इसलिए जांच बाधित है। लाइट के आने का इंतजार कर रहे हैं। बिजली आए तो जांच हो। असगर अली, मरीज, मल्लापुर
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टीबी का इलाज कराने आए हैं। काफी देर से इंतजार कर रहे हैं। टेक्नीशियन ही नहीं आए हैं जो जांच करा सकें। पूरा दिन खराब हो गया है। अब दोबारा आना पड़ेगा।
आशाराम चौहान, मरीज, ईसानगर
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महिला चिकित्सक छुट्टी पर हैं। लाइट न आने पर जनरेटर की सुविधा है लेकिन अस्पताल परिसर में पानी भर गया है। बीते दिनों एक कर्मी को सांप ने डस लिया था इसलिए जनरेटर चालू कराने में थोड़ी परेशानी आ रही है।
अमित कुमार सिंह, अधीक्षक, सीएचसी खमरिया
जिला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष में लगा ताला। संवाद
जिला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष में लगा ताला। संवाद