लखीमपुर खीरी। जिला महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच तो कराई जा रही है, लेकिन रिपोर्ट उन्हें कंप्यूटर से प्रिंटआउट के बजाय साधारण कागज पर हाथ से लिखकर दी जा रही है। इस वजह से मरीजों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गर्भवती महिलाओं का कहना है कि हाथ से लिखी रिपोर्ट अक्सर अस्पष्ट होती है, जिसे डॉक्टर को समझने में दिक्कत आती है।
जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 300-400 मरीजों की ओपीडी रहती है। इसमें करीब 80-100 प्रसूताओं का अल्ट्रासाउंड कराया जाता है। कुछ माह पहले लगी इस पोर्टेबल मशीन से प्रसूताओं को अल्ट्रासाउंड की प्रिंट की हुई रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। चिकित्सक जांच के बाद सादे कागज या पर्चे पर ही रिपोर्ट लिखकर थमा देते हैं। इससे प्रसूताओं को जांच रिपोर्ट को संभालने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
अस्पताल में आवारा कुत्ते बने आफत
बीते शुक्रवार को पीलीभीत के जिला अस्पताल से नवजात के शव को आवारा कुत्ते उठा ले गया था। इस घटना के बाद भी स्वास्थ्य विभाग कोई सीख नहीं ले रहा है। जिला महिला अस्पताल में आवारा कुत्तों का आतंक है। यह कुत्ते अस्पताल परिसर से लेकर रैन बसेरा तक घूमते रहते हैं। इससे खतरे की आशंका बनी रहती है।
फोटो 16
कई बार अल्ट्रासाउंड की जांच करा चुके हैं। हमेशा पर्चे पर लिखकर रिपोर्ट दे दी जाती है। अगर बाहर किसी चिकित्सक को दिखाओ तो वह समझ नहीं पाते हैं। अगर प्रिंट करके रिपोर्ट दी जाए तो काफी आसानी होगी।
जीनत, सुंदरवल
अल्ट्रासाउंड जांच के बाद हाथ से रिपोर्ट लिखकर दी है। प्रिंट मिलने से चिकित्सक को दिखाने में भी आराम रहता है। अस्पताल प्रशासन को प्रिंट की हुई रिपोर्ट देनी चाहिए, ताकि उसे सुरक्षित रख सके।
प्रिया, गोलागोकर्णनाथ
कंप्यूटर से अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट बनाने में समय लगेगा, इसलिए हाथ से लिखकर दी जा रही है। बाकी बेसहारा कुत्तों को अस्पताल में घुसने से रोकने के लिए गार्ड मौजूद रहते हैं।
डॉ. अभिषेक साहू, प्रभारी सीएमएस, जिला महिला अस्पताल
जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए प्रसूताओं की भीड़। संवाद- फोटो : शहर में दरीबा के पास हादसे में क्षतिग्रस्त कार।
जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए प्रसूताओं की भीड़। संवाद- फोटो : शहर में दरीबा के पास हादसे में क्षतिग्रस्त कार।
जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए प्रसूताओं की भीड़। संवाद- फोटो : शहर में दरीबा के पास हादसे में क्षतिग्रस्त कार।