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अतिक्रमण मुक्त कराने से उल्ल नदी को मिलेगा पुनर्जीवन

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उल्ल नदी
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लोगों ने कब्जा रखी है नदी के किनारे की सैकड़ों एकड़ जमीन
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खीरी टाउन। नकहा ब्लॉक क्षेत्र से होकर बहने वाली उल्ल नदी कूड़ा कचरा और औद्योगिक अवशेष उड़ेले जाने से इसका पानी अशुद्घ हो गया है। उल्ल नदी का पानी गंदा होने से पशु पक्षियों के लिए पानी का संकट पैदा हो रहा है। वहीं उल्ल नदी के सूखने से नदी के किनारे लोगों ने सैकड़ों एकड़ जमीन पर कब्जा कर रखा है।
लखीमपुर से आठ किलोमीटर रामापुर मार्ग पर हाईवे के किनारे से बहने वाली उल्ल नदी का कुछ यही हाल है। उल्ल नदी में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। गर्मियों के मौसम में उल्ल नदी में कुंभी, घास और झाड़ झंखाड़ से पानी छिप गया है। यहां उल्ल नदी के किनारे कभी धोभी घाट हुआ करता था, लेकिन पानी की कमी के कारण कपड़ों का धोना बंद हो गया है, लेकिन कई नाले उल्ल नदी में गिरते हैं, जिससे नदी का वजूद ही खत्म हो गया है। वहीं उल्ल नदी के सूखने से नदी के किनारे लोगों ने सैकड़ों एकड़ जमीन पर कब्जा कर रखा है।
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लखीमपुर से रामापुर दिल्ली से असम रोड पर बहने वाली उल्ल नदी के किनारे अतिक्रमण की हुई जमीन को खाली करा कर एक पिकनिक स्पॉट बनाया जा सकता है। उल्ल नदी पर शाम के समय का दृश्य बेहद सुंदर नजर आता है।
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नदी का सौंदर्यीकरण होने से शहर और आसपास के लोग सैर सपाटे के लिए पहुंचेंगे तो नदी की सुंदरता भी बरकरार रहेगी। क्षेत्रीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि उल्ल नदी से कुंभी और सिल्ट सफाई कर प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर उल्ल नदी के किनारों को पिकनिक स्पॉट बनाया जाए ताकि उल्ल नदी का बेहतर ढंग से संरक्षण हो सके।
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