यह खबर लगते ही गोल्डी और मनोरमा ने अपना तबादला रुकवाने के लिए छात्राओं को मोहरा बनाने की साजिश रच डाली। जिसके लिए बृहस्पतिवार की रात करीब आठ बजे दोनों शिक्षिकाओं ने छात्राओं को छत पर ले जाकर उन्हें बंधक बना लिया। इसके बाद छात्राओं को अपने पक्ष में बयान देने के लिए भड़काया। भयभीत छात्राएं चीखने-चिल्लाने लगीं। इसकी जानकारी होने पर प्रभारी वार्डेन ललिता कुमारी ने बीएसए व जिला समन्वयक बालिका शिक्षा को फोन से सूचना दी। जिसके बाद रात करीब 10 बजे बीएसए व जिला समन्वयक विद्यालय पहुंचे।
मौके पर छात्राएं दोनों शिक्षिकाओं के साथ छत पर मौजूद थीं, जिन्हें नीचे आने से दोनों शिक्षिकाएं रोक रहीं थीं। इस पर बीएसए ने नीमगांव पुलिस को सूचना देकर बुलाया, जिसके बाद महिला पुलिस की मदद से छात्राओं को बंधनमुक्त कराकर नीचे उतारा गया। करीब रात 11 बजे तक विद्यालय में हंगामा होता रहा। एसओ नीमगांव देवेंद्र कुमार गंगवार ने दो महिला पुलिस कर्मियों की ड्यूटी छात्राओं की सुरक्षा के लिए लगाई। वहीं जिला समन्वयक रेनू श्रीवास्तव की तहरीर पर पुलिस ने दोनों आरोपी शिक्षिकाओं गोल्डी कटियार व मनोरमा मिश्रा के खिलाफ छात्राओं को बंधक बनाए जाने समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बेहजम में बृहस्पतिवार की रात को हुई घटना की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम बनाई गई है, जिसमें बीईओ मुख्यालय, बीईओ बेहजम, डीसी आईईडी एवं एसआरजी शामिल हैं। गठित टीम को पूरे प्रकरण की जांच कर तीन दिन में साक्ष्य सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा घटना की तहरीर नीमगांव थाने में देकर आरोपी शिक्षिकाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। - डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय, बीएसए