दुधवा के जंगल में खतरनाक कोबरा को छोड़ती दुधवा फांउडेशन की कर्मी। स्रोत : दुधवा प्रशासन
पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क के क्षेत्र में एक ही दिन में दो कोबरा सांपों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। दुधवा टाइगर कंजरवेशन फाउंडेशन की टीम ने यह काम किया है।
टीम को सूचना मिली थी कि बनगवां के एक घर में सांप है। इसके बाद दुधवा फांउडेशन की मोटीवेटर नाजरुन निशा ने जायजा लिया तो यहां दो सांप दिखाई दिए। इनकी पहचान स्पेक्टकेल्स कोबरा के रूप में की गई। इसके बाद नाजरुन निशा ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हुए दोनों को कैद किया और जंगल में सावधानी के साथ छोड़ दिया।
पार्क के डीडी जगदीश आर ने बताया कि उक्त प्रजाति का सांप काफी तेज और खतरनाक होता है। भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाने वाले विषैले सांप के रूप में इसको जाना जाता है। इसके फन के पीछे चश्मे जैसे निशान होते हैं, जो इसकी पहचान होती है। इसका रंग और पैटर्न में भिन्नता हो सकती है। इसके काटने से ज्यादातर मौतें होती हैं। बताया कि इसके जहर में न्यूरोटॉक्सिक विष होता है, जो तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचाता है। लकवा, सांस लेने में कठिनाई मृत्यु का कारण बन सकता है। संवाद