फरधान। थाना क्षेत्र में दो दिन पहले हुए ई-रिक्शा चालक सुहेल हत्याकांड मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना के खुलासे का दावा किया है।
प्रभारी निरीक्षक दयाशंकर द्विवेदी ने बताया 28 जुलाई को थाना क्षेत्र के गांव गुलरिया गांव के पास गन्ने के खेत में सुहेल का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। पोस्टमाॅर्टम कराने पर रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई थी। मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बताया कि कोतवाली सदर के गांव शेखसरायं निवासी निहाल, थाना नीमगांव क्षेत्र के गांव अच्छनिया निवासी महताब दोनों एक बाइक के साथ देवकली मार्ग पर खड़े थे। उसी समय मुड़िया मिश्र निवासी सुहेल अपनी बहन को छोड़कर अपने ई-रिक्शा से लखीमपुर से गांव लौट रहा था।
निहाल और महताब ने ई-रिक्शा को रोककर सुहेल से सल्लिहा गांव चलकर सामान लाने के लिए कहा। सुहेल किराया तय होने पर राजी हो गया। दोनों लोग सुहेल को ई-रिक्शा समेत गुलरिया के पास गांव से जंगल की तरफ लेकर चले गए। इसके बाद उसके साथ लूटपाट करने लगे थे।
विरोध करने पर दोनों सुहेल को गन्ने के खेत में खींच ले गए और रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी व ई-रिक्शा लेकर चले गए। ई-रिक्शा उसी दिन गोला कोतवाली क्षेत्र के गांव करनपुर निवासी ताहिर नामक व्यक्ति के हाथ 26,000 में बेच दिया। ताहिर ने उसे अपने घर में छिपाकर रख लिया था। पुलिस ने सीसी कैमरों की फुटेज के आधार पर निहाल और महताब को पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर ई-रिक्शा ताहिर के यहां से बरामद कर लिया।
बीमार पत्नी का इलाज कराने के लिए की लूट
सुहेल की हत्या के आरोप में जेल गए निहाल ने पुलिस पूछताछ में बताया उसकी पत्नी कई दिनों से बीमार चल रही है। उसके इलाज के लिए उसके पास पैसे नहीं थे। निहाल ने मित्र महताब से संपर्क किया और पैसे की व्यवस्था न होने पर इन दोनों ने लूटकर पैसा अर्जित करने की योजना बनाई।