दुधवा जंगल में विचरण करते नेपाल के हाथी। स्रोत : वन विभाग
बांकेगंज। चलतुआ जंगल में पिछले चार दिन से डेरा डाले दो टस्कर हाथी शुक्रवार की सुबह यहां से किशनपुर अभयारण्य के झादीताल पहुंच गए। निगरानी टीमों के खदेड़ने पर दोनों शारदा नदी की ओर चले गए।
चलतुआ जंगल में प्रवास के दौरान इन हाथियों ने बफरजोन की सुल्तानपुर बीट से लेकर खुटार रेंज से सटे खेतों में किसानों की फसलें चरकर और रौंद कर बर्बाद कर डालीं। इसके बाद फिर चलतुआ जंगल में डेरा डाल दिया। यहां आराम करने के बाद शुक्रवार सुबह किशनपुर अभयारण्य की ओर कूच कर झादीताल के पास पहुंच गए। हाथियों के यहां से जाने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच राजामोहन ने बताया कि दुधवा के जंगलों में पहुंचे 35 नेपाली हाथी दो झुंडों में बंटकर उत्तर और दक्षिण सोनारीपुर जंगलों में विचरण करते देखे जा रहे। निगरानी टीमों को दो हाथियों की लोकेशन किशनपुर अभयारण्य के झादीताल किनारे मिली थी। वनकर्मियों से जंगल के अंदर मौजूद हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश गए हैं। निगरानी टीमों के मुताबिक, शनिवार को हाथियों लोकेशन सोनारीपुर जंगल के अंदर मिली है। संवाद