फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आठ में दो विधायक वापस पहुंच पाए विधानसभा

Wed, 15 Mar 2017 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव को लेकर वार्ता
विज्ञापन
हाथी से उतर कमल थाम चुनावी वैतरणी पार कर ली 
विज्ञापन

एक विधायक तो बिना लड़े ही हो गए थे मैदान से बाहर 
जिले के आठ विधायकों में से इस बार सिर्फ दो विधायक ही सत्रहवीं विधानसभा में पहुंच सके हैं। जो दो विधायक जीते भी वह पार्टी बदलकर चुनाव जीत पाए। पांच विधायकों को हार का सामना करना पड़ा। जबकि श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामसरन को पहले ही मैदान से आउट कर दिया गया था। 
पलिया विधानसभा क्षेत्र से इस बार भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते रोमी साहनी वर्ष 2012 के चुनाव में इसी विधानसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। चुनाव के पहले यह पार्टी बदल कर भाजपा में शामिल हुए और पिछली बार से ज्यादा वोट पाकर चुनाव जीते। 
विज्ञापन

धौरहरा विधानसभा क्षेत्र से पिछली बार बसपा के टिकट पर चुनाव जीते बाला प्रसाद अवस्थी ने इस चुनाव में न केवल पार्टी बदली बल्कि क्षेत्र भी बदल दिया। धौरहरा के मतदाताओं ने उन्हे नए चोले में अपनाया। कम अंतर से ही सही लेकिन वह चुनाव जीत गए। वह पूर्व मंत्री सपा के यशपाल चौधरी और निवर्तमान विधायक शमशेर बहादुर को शिकस्त देकर मुकद्दर के सिकंदर बने। 
निवर्तमान विधायकों में निघासन से कृष्ण गोपाल पटेल, लखीमपुर से उत्कर्ष वर्मा, गोला से विनय तिवारी और कस्ता से सुनील कुमार भार्गव उर्फ लाला और धौरहरा से शमशेर बहादुर सिंह चुनाव हार गए। श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र से 2012 का चुनाव जीते रामसरन का समाजवादी पार्टी ने ऐन चुनाव के समय टिकट काट दिया। उनकी जगह मीरा बानो को टिकट दिया गया। 
गौरतलब यह भी है कि धौरहरा में बसपा के निवर्तमान विधायक शमशेर बहादुर को छोड़कर सभी हारे विधायक अपने-अपने क्षेत्र में दूसरे नंबर पर रहे हैं। शमशेर बहादुर तीसरे स्थान पर चले गए। श्रीनगर में राम सरन के स्थान पर मैदान में उतारी गई मीरा बानो भी दूसरे स्थान पर रहीं। 
विज्ञापन

रोमी साहनी के लिए दलबदल शुभ रहा तो कांग्रेस-सपा गठबंधन ने आरए उस्मानी, अनिता यादव और रामसरन को संभावित हार के कलंक से बचा लिया। 
कांग्रेस सपा के गठबंधन में पलिया और मोहम्मदी की सीट कांग्रेस के खाते में गई थी। पहले पलिया से अनिता यादव और मोहम्मदी से आरए उस्मानी को टिकट दिया गया था। गठबंधन के बाद सपा को अपने दोना प्रत्याशी मैदान से हटाने पड़े। पलिया में महिला और मोहम्मदी से मुस्लिम का टिकट कटने के कारण इसकी भरपाई के लिए सपा ने श्रीनगर में राम सरन को मैदान से हटाकर उनकी जगह मीरा बानो को खड़ा किया। इससे महिला और मुस्लिम दोनों की भरपाई की थी लेकिन सपा की यह सोशल इंजीनियरिंग भी काम नहीं आई।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें