लखीमपुर खीरी। सीतापुर-लखीमपुर फोरलेन ओयल कस्बे के मोड़ पर हुए भीषण हादसे को लेकर दो विभागों के अफसर एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। रोडवेज अफसरों ने कहा कि अंधे मोड़ पर निर्माण कार्य की कोई सूचना न होना और न कोई संकेतक लगे होने से यह हादसा हुआ है।
वहीं, पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने कहा- रोडवेज को पहले कट से मुड़ना था। उसके न मुड़ने से यह हादसा हो गया। हालांकि प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मोड़ की जगह कोई संकेतन नहीं था, ऐसे में वहां पर मुड़ने का कोई सवाल ही नहीं। सारी गलती लोक निर्माण विभाग की है।
ओयल कस्बे में बेहजम तिराहे के आगे निकले नाले के पास से बाएं हिस्से का हाईवे बंद है। पीडब्ल्यूडी ने रास्ता बंद होने की सूचना नहीं दी। न ही वहां पर किसी प्रकार का कोई संकेतक ही लगाया। खास बात, हादसे की जगह अंधा मोड़ है। वहां पर झाड़ियां भी उगी हैं। इन तमाम कारणों से यह भीषण हादसा हुआ है, जिसमें मासूम सहित कईयों की जान चली गई और कई जिंदगी की जंग से जूझ़ रहे हैं।
एक तरफ का मार्ग बंद होने से सीतापुर-लखीमपुर दाहिने मार्ग से दोनों तरफ से आने-जाने वाले वाहन चल रहे हैं।
सुबह 6ः30 बजे फोरलेन पर बने शारदा सहायक बड़ी नहर ग्राम उमरिया खुर्द पुल पर जहां अंधा मोड़ है वहां पर आमने-सामने टकरा गई।
पलिया के शारदा नदी पुल के पार भीरा की तरफ मुड़ा खतरनाक मोड़। संवाद