गोला गोकर्णनाथ। कुंभी ब्लॉक कार्यालय से एक ही ग्रामीण के दो मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए जाने के मामले में अहम तथ्य सामने आया है। दोनों प्रमाणपत्र न सिर्फ एक ही आवेदन संख्या पर जारी किए गए, बल्कि उनको जारी करने की तिथि भी एक ही है।
मामले में शिकायत मिलने पर एसडीएम ने जांच शुरू करा दी है। ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पिपरिया मूड़ा खालसा निवासी एक व्यक्ति ने अपने बाबा जैराखन का मृत्यु प्रमाणपत्र वर्ष 2017 में जारी कराया था। इसके बाद परिवार के एक जमीन विवाद में मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए जाने में फर्जीवाड़ा प्रकाश में आया है।
इसमें शिकायतकर्ता धर्मेंद्र सिंह एडवोकेट ने ब्लॉक कार्यालय से दो फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए जाने का दावा किया और एसडीएम से कार्रवाई की मांग की।
दोनों प्रमाणपत्रों में आवेदन संख्या और पंजीकरण संख्या एक ही है। जारी करने की तिथि 24 अगस्त 2017 भी एक ही है, लेकिन दोनों प्रमाणपत्रों में वर्ष बदलकर जैराखन की मृत्यु की तिथि 17 मार्च 2007 और 17 मार्च 2017 दर्शायी गई है। हालांकि, शिकायतकर्ता की मांग पर आठ अगस्त 2025 को तत्कालीन एसडीएम ने जांच के आदेश भी दिए थे, लेकिन विषय को ठंडा बस्ते में डाल दिया गया।
शिकायतकर्ता ने पुनः नवागत एसडीएम प्रतीक्षा त्रिपाठी से कार्रवाई की मांग की है। बीडीओ कुंभी आत्म प्रकाश रस्तोगी ने बताया कि एक नवंबर को ही चार्ज लिया है। यदि इस प्रकार की शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम प्रतीक्षा त्रिपाठी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जांच के आदेश दिए गए हैं। दोषी पाए जाने पर विधिक कार्रवाई होगी।