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Lakhimpur Kheri News: तुलसीदास के साहित्य में आज भी समाज को दिशा देने की शक्ति

Thu, 20 Aug 2026 11:46 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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गोला में गोस्वामी तुलसीदास की जयंती पर भगवान श्रीराम का पूजन व आरती करते श्रद्धालु।‌ संवाद
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गोला गोकर्णनाथ। संकट मोचन श्री हनुमान मंदिर में बुधवार देर शाम गोस्वामी तुलसीदास की 529वीं जयंती मनाई गई। कथा मर्मज्ञ सुरेश शुक्ला संदेश ने रामचरितमानस और तुलसीदास के जीवन वृत्त व काव्य सृजन पर चर्चा करते हुए सुंदरकांड की महत्ता बताई।
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मंदिर के सत्संग भवन में पंडित मुनेंद्र शुक्ला ने सुंदरकांड पाठ और हनुमान बाहुक का संगीतमय गायन किया। कार्यक्रम के बाद प्रसाद वितरण हुआ। इस मौके पर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू, सत्यप्रकाश अग्रवाल, केके शुक्ला, पिंटू बाजपेयी, सुरेश सिंह, डॉ. आदर्श दीक्षित, डॉ. सौरभ दीक्षित, अवधेश मिश्रा, अवध किशोर त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।
धौरहरा में सावन शुक्ल सप्तमी पर बुधवार को नारायण मंदिर में तुलसी जयंती समारोह आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता नारायण दत्त अवस्थी ने गोस्वामी तुलसीदास के जीवन, व्यक्तित्व और साहित्य पर व्याख्यान देते हुए कहा कि श्रीरामचरितमानस के माध्यम से उन्होंने भारतीय समाज को मर्यादा, भक्ति, धर्म और लोकमंगल का संदेश दिया। श्रीरामचरित मानस समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विश्वंभर तिवारी ने तुलसी साहित्य को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि श्रीरामचरितमानस की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं। समारोह में श्रद्धालुओं और साहित्यप्रेमियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने तुलसी साहित्य को जन-जन तक पहुंचाने और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
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