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Tikunia Violence: मुख्य आरोपी आशीष मिश्र समेत 13 के खिलाफ आरोप निर्धारण पर बहस शुरू, बुधवार दिनभर चली सुनवाई

Wed, 06 Jul 2022 08:16 PM IST
अनुराग सक्सेना संवाद न्यूज़ एजेंसी, लखीमपुर खीरी।

सार

बुधवार को तिकुनिया हिंसा कांड में आरोपियों की ऑनलाइन पेशी हुई, जबकि एसआईटी की चार्जशीट पर सवालिया निशान लगाते हुए आशीष मिश्र मोनू की ओर से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश सिंह ने बनवीरपुर में आयोजित दंगल स्थल को केंद्र में लेकर अपनी बहस शुरू की।
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आशीष मिश्र - फोटो : अमर उजाला- फाइल फोटो
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विस्तार
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तिकुनिया हिंसा मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्र मोनू समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर जिला जज मुकेश मिश्र की अदालत में बहस शुरू हो गई है। बुधवार को डिस्चार्ज एप्लीकेशन पर सबसे पहले आशीष मिश्र मोनू की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश सिंह ने बहस शुरू की। देर शाम तक बहस पूरी नहीं हो सकी, जिस पर अदालत ने आगे की बहस के लिए 12 जुलाई की तारीख तय की है।

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बुधवार को तिकुनिया हिंसा कांड में आरोपियों की ऑनलाइन पेशी हुई, जबकि एसआईटी की चार्जशीट पर सवालिया निशान लगाते हुए आशीष मिश्र मोनू की ओर से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश सिंह ने बनवीरपुर में आयोजित दंगल स्थल को केंद्र में लेकर अपनी बहस शुरू की। उन्होंने दावा किया कि पूरे मामले में आशीष मिश्र मोनू के खिलाफ कोई भी सटीक सबूत नहीं हैं और वह लगातार बनवीर पुर दंगल स्थल पर मौजूद रहे थे और कुछ देर के लिए दंगल स्थल से हटे थे और चंद मिनट बाद ही फिर दंगल स्थल पर मौजूद थे।

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उन्होंने कहा कि ऐसे में उन्हें गलत ढंग से फंसाया जा रहा है। अभियोजन की ओर से इकट्ठे किए गए सबूतों में अधिक से अधिक यह तथ्य निकल के आया एक थार गाड़ी मौके पर थी। यह थार गाड़ी आशीष मिश्र मोनू की बताई गई गई लेकिन एआरटीओ की रिपोर्ट आशीष मिश्र मोनू को थार की गाड़ी का मालिक न होने की बात कह रही है। इसके अलावा केस में वादी मुकदमा मौके पर नहीं था। जिन चोटिल गवाहों को स्टार विटनेस के रूप में प्रचारित किया जा रहा है उनके बयान भी आशीष मिश्र मोनू की मौके पर मौजूदगी का कोई सबूत दे पा रहे हैं।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के सबूतों और बयानों पर उत्पन्न विरोधाभास को सामने रखा गया। वहीं दिनभर चली सुनवाई के बाद शाम तक बहस पूरी नहीं हो सकी थी। इसके बाद अदालत ने 12 जुलाई की तारीख तय की है। बुधवार की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश सिंह के अलावा अंकित दास, सत्यम त्रिपाठी, लतीफ काले नंदन सिंह बिष्ट के अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौड़, चंद्र मोहन सिंह, अनिल त्रिवेदी राम आशीष मिश्र मौजूद रहे। वादी की ओर से डीजीसी अरविंद त्रिपाठी और वादी के व्यक्तिगत अधिवक्ता सुरेश सिंह मुन्ना, विनय सिंह और शिव सहाय सिंह मौजूद रहे।
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