तिकुनिया के खैरटिया गांव में बाघिन को पकड़ने के लिए वन विभाग के कर्मचारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। वन विभाग ने बाघिन को फंसाने के लिए पिंजरे में जो पड्डा बांधा था, चालाक बाघिन उसे भी खींच ले गई और पिंजरे में नहीं फंसी।
तिकुनिया के खैरटिया गांव में महंत को मारने वाली बाघिन वन विभाग के कर्मचारियों से एक कदम आगे निकल गई। वन विभाग ने बाघिन को फंसाने के लिए पिंजरे में पड्डा बांधा था मगर बाघिन पड्डा भी खींच ले गई और पिंजरे में फंसी भी नहीं।
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मजबूर वनकर्मी अब मंझरापूरब, खैरटिया जंगल में बाघिन को तलाश कर बेहोश करने के लिए वनकर्मी जंगल का चप्पा चप्पा छान रहे हैं। जंगल की कांबिंग में एक बख्तरबंद ट्रैक्टर और तीन मादा हाथी लगाए गए है। वनकर्मियों की टीम का नेतृत्व दुधवा के पशु चिकित्सक डॉ. दया कर रहे हैं। इसके अलावा प्रभावित जगह पर कैमरे भी लगाए गए हैं। वन विभाग का कहना है कि बाघिन अभी तक नजर नहीं आई है। कैमरों में जरूर उसकी तस्वीरें कैद हुई हैं।
खैरेटिया मंझरा पूरब जंगल में महंत की कुटी के पास लगाए गए पिंजरे में बांधे गए पड्डे को बाघिन मंगलवार की रात खींच ले गई। घटना के बाद वन कर्मचारी हाथ मलते रह गए। जंगल में बख्तरबंद ट्रैक्टर और चंपाकली, जयमाला, गंगाजली के साथ वनकर्मी लगातार गश्त कर रहे हैं। उत्तर निघासन बन रेंज बेलराया के रेंजर विमलेश कुमार ने बताया कि जल्दी ही बाघिन को बेहोश कर लिया जाएगा। सारे इंतजाम कर लिए गए हैं। बाघिन आबादी में न घुसे, इसके भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।