मझगईं। मझगईं और भीरा क्षेत्र में दहशत का पर्याय बनी बाघिन को वन विभाग की टीम ने मंगलवार तड़के ट्रैंक्युलाइज कर पिंजरे में कैद कर लिया, लेकिन देर शाम उसकी मौत हो गई।
बीते दिनों दो ग्रामीणों को मौत के घाट उतारने वाली इस बाघिन के पकड़े जाने के बाद रामनगर कलां, खालेपुरवा समेत आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली थी। भीरा थाना क्षेत्र के रामनगर कलां निवासी किसान रामदीन (60) पर 15 जून को खेत जाते समय बाघिन ने हमला कर दिया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके अगले दिन 16 जून को खालेपुरवा निवासी कोकिला देवी (45) पर घास काटते समय हमला कर बाघिन ने उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया था।
दो दिनों में लगातार दो मौतों से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। घटनाओं के बाद वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में कैमरा ट्रैप और पिंजरे लगाकर निगरानी शुरू की।
रेंजर अंकित सिंह ने बताया कि बाघिन को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम सोमवार रात दो बजे से ही मौके पर तैनात थी। मंगलवार तड़के करीब चार बजे शिकार की तलाश में पहुंची बाघिन को दुधवा नेशनल पार्क से आए वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. दयाशंकर ने ट्रैंक्युलाइज कर दिया।दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. एच. राजामोहन ने बताया कि बाघिन को सुरक्षित कब्जे में लिया गया था, लेकिन देर शाम उसकी मौत हो गई। मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है।