मितौली थाना क्षेत्र के डोकरपुर गांव में गन्ने के खेत में छिपे बाघ ने मजदूर पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। साथी मजदूरों ने जैसे तैसे भागकर उसकी जान बचाई। घायल मजदूर को पुलिस और ग्रमीणों की मदद से एंबुलेंस से इलाज के लिये सीएचसी भेजा गया। वनविभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। साथ ही क्षेत्र के ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा है।
डोकरपुर निवासी किसान राकेश रविवार सुबह आठ बजे अपने खेत में मजदूर संदीप, प्रदीप, सरोज, अभय और कमलेश को लेकर गन्ना बंधाई करने गए हुए थे। गन्ने का खेत माइनर नरवा नदी के किनारे झाड़ियों के पास है। खेत के अंदर घुसते ही पहले से छिपे बैठे बाघ ने मजदूरों पर हमला कर दिया। सभी मजदूर चीखते हुए भाग खड़े हुए। बाघ के हमले में 35 वर्षीय कमलेश गम्भीर रूप से घायल हो गया। अन्य डरे सहमे मजदूरों ने शोर मचाया तो बाघ कमलेश को छोड़ कर भाग गया। इसी बीच क्षेत्र के कई ग्रामीण इकट्ठे हो गए।
ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे एसओ मितौली अनिल कुमार सिंह ने घायल मजदूर कमलेश को व अन्य बेहोश हुए मजदूरों को इलाज के लिये सीएचसी भेज दिया। कुछ देर बाद मौके पर पहुँचे रेंजर मोबिन आरिफ,डिप्टी रेंजर राम नरेश वर्मा, वन रक्षक राजेश पाल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी। इससे पहले शिकारियों के चंगुल में फंसकर डोकरपुर में ही बाघ की मौत हो गई थी। क्षेत्र में आंवला जंगल से सटे गांव भीखमपुर, विशोखर, भावदा ग्रांट स्वामीदयालपुर, कारीबड़ेरी मकसूदाबाद समेत क्षेत्र के किसान और ग्रामीण बाघ की मौजूदगी से दहशत में हैं।
डोकरपुर गांव के पास बाघ के हमले में एक मजदूर घायल हुआ है। क्षेत्र के ग्रामीण और किसान समूह बनाकर आवश्यक कार्य के लिए ही खेतों में शोर शराबा करते हुए जाएं। बाघ की मौजूदगी उस स्थान पर पहले से ही है। झाड़ियों के बीच नरवा नदी बाघों के लिए अनुकूल है। इसलिए क्षेत्र के लोग सतर्कता बरतें।
-मोबिन आरिफ, रेंजर