चखरा और मुंशीगढ़ में बाघिन की दहशत, वन विभाग ने जमाया डेरा
रविवार दोपहर अपने मामा को खाना देने जा रहे मुंशीगढ़ के एक किशोर पर बाघिन ने हमला बोल दिया। खेत में गन्ना बो रहे लोगों ने किसी तरह से किशोर को बाघिन के चंगुल से छुड़ाया। शनिवार रात बाघिन ने एक भैंस के पड्ढे को मार दिया था। मुंशीगढ़ और चखरा में बाघिन की दहशत बनी हुई है। वन विभाग की टीम ने वहीं पर अपना डेरा जमा रखा है। घायल किशोर को सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
रविवार दोपहर करीब 12 बजे गांव मुंशीगढ़ निवासी वकील का 15 वर्षीय पुत्र मलार मोहम्मद खेत जोत रहे अपने मामा इकबाल को खाना देने के लिए गया था। मलार जैसे ही हबीब अली के गन्ने के मेढ़ से निकला इसी बीच बाघिन ने उसके ऊपर हमला बोल दिया। उसके चीखने की आवाज सुनकर पड़ोस में गन्ना बो रहे लोग दौड़ आए और शोर मचाने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गांव के ही जामिन ने साहस दिखाते हुए मलार का हाथ पकड़कर अपनी ओर खींचा। बाघिन भी उसका पैर पकड़कर घसीटने लगी। अधिक लोगों के आ जाने पर बाघिन फिर उसी गन्ने के खेत में जा घुसी। हबीब ने बताया कि शनिवार को जैनतुन बानो का पड्डा खेत में घास चरने के लिए गया था और वहां से लापता हो गया था। लोगों ने उसकी तलाश की, लेकिन पता नहीं चल सका। रविवार को जब मलार मोहम्मद को बचाने के लिए बाघिन को खदेड़ते हुए लोग हबीब के गन्ने के खेत मेें पहुंचे वहां पर पड्डे का अधखाया शव पड़ा था। बता दें कि 11 फरवरी से क्षेत्र में बाघ और बाघिन की दहशत है। यह जोड़ा अब तक करीब आठ मवेशी और चार लोगों पर हमला कर चुका है। इस संबंध में मझगई रेंज के रेंजर राधेश्याम ने बताया कि कौडिया जंगल में बाघिन चली गई थी, लेकिन वह जंगल से निकलकर एक बार फिर खेतों की ओर पहुंच गई है। उसको खदेड़ने के लिए टीम लगाई गई हैं।